इंदौर। इंदौर में चल रहे ‘नशा मुक्त अभियान’ के बीच एक पत्नी ने मिसाल कायम की है। मल्हारगंज इलाके में रहने वाली एक महिला अकाउंटेंट ने अपने पति के काले कारोबार के खिलाफ बगावत कर दी। जब पति ने घर को ही नशे का अड्डा बना लिया और बेटियों पर इसका असर पड़ने लगा, तो पत्नी ने साहस दिखाते हुए सीधे पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से शिकायत की।
नतीजा यह हुआ कि कमिश्नर के आदेश पर तत्काल कार्रवाई हुई और आरोपी पति के खिलाफ लसूड़िया थाने में मामला दर्ज कर लिया गया।
पान की दुकान की आड़ में ‘नशे का खेल’- पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका पति महालक्ष्मी नगर में पान की दुकान चलाता है। वह दुकान की आड़ में कॉलेज और हॉस्टल की लड़कियों को बड़े पैमाने पर नशा (गांजा और स्मैक) सप्लाई करता था। हद तो तब हो गई जब वह घर में ही तराजू-कांटा रखकर गांजा और स्मैक की पुड़िया बनाने लगा।
विरोध करने पर सिर फोड़ा- महिला, जो पेशे से अकाउंटेंट है, अपनी दो बेटियों की परवरिश और घर के माहौल को लेकर चिंतित थी। जब उसने पति को रोकने की कोशिश की, तो पति और ससुराल वालों ने उसे डराया-धमकाया और मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। पीड़िता का आरोप है कि उसने पहले स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन तब गांजा जब्त नहीं किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
वीडियो कॉल ने पहुंचाया जेल- स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर महिला ने हार नहीं मानी। उसने हाई कोर्ट एडवोकेट रूपाली राठौर से संपर्क किया। सोमवार को सीधे पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को कॉल किया। घर में रखे मादक पदार्थों का वीडियो बनाकर व्हाट्सएप पर कमिश्नर को भेजा। वीडियो देखते ही कमिश्नर ने लसूड़िया थाना प्रभारी को तत्काल छापा मारने और केस दर्ज करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर बोले- पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन लिया गया है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ जारी हेल्पलाइन नंबर पर कोई भी नागरिक सूचना दे सकता है, जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और पहचान गुप्त रखी जाएगी।


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