जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत संगोष्ठी आयोजित, जल स्रोतों की सफाई कर संरक्षण का लिया संकल्प
इंदौर। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को बचाने की मुहिम में संस्था वरेण्यम समाज कल्याण समिति ने भी भाग लिया और इंदौर ग्रामीण के खुडैल बुजुर्ग में बावड़ी उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए श्रमदान किया और जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया।

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में नवांकुर संस्था वरेण्यम समाज कल्याण समिति (वीएसकेएस) के नेतृत्व में जयजयवंती नदी की रपट पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ सरपंच प्रतिनिधि अनिल सेठ एवं भाजपा महिला मोर्चा नर्मदा मंडल अध्यक्ष हीरामणी परमार ने किया।
इस दौरान आयोजित जल संगोष्ठी में मेंटर सुनील सराठे ने जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से जल की एक-एक बूंद बचाने, वर्षा जल संचयन को अपनाने और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व सरपंच भीम सिंह, दीपक उपाध्याय, शहनाज शेख, पंचायत सहायक कमल प्रजापति, प्रस्फुटन समिति की नीतू आशीष चौधरी सहित अनेक ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने श्रमदान कर जल स्रोतों की साफ-सफाई की और उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लिया।
वीएसकेएस की सचिव सोनी धारवा ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तृतीय चरण के अंतर्गत खुडैल सेक्टर की विभिन्न प्रस्फुटन समितियां अपनी-अपनी पंचायतों में जल स्रोतों की सफाई, पूजन, जनजागरूकता और श्रमदान जैसे कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है।


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