रंगवासा की खसरा क्रमांक 1 एवं 4 की सरकारी पट्टे की जमीन का मामला
रोक के बावजूद तेजी से चल रहा है कालोनी के गेट और सड़क का काम
जनहित मीडिया, इंदौर। शासन द्वारा खेती के लिए किसानों को पट्टे पर दी गई जमीन खरीद कर उस पर कॉलोनी बसाने वाले भू माफिया राहुल तंवर ने कोर्ट की रोक के बावजूद कॉलोनी का डेवलपमेंट जारी रखा है और इन दिनों कॉलोनी का गेट, सड़क तथा दीवाल बनाने जैसे अन्य काम तेजी से चल रहे हैं। जबकि 22 जून तक उक्त 19.470 हेक्टेयर भूमि पर किसी भी तरह का कार्य करना प्रतिबंधित है। कोर्ट के आदेश को धता बताकर भू माफिया मनमानी पर आमदा है।


शहर के नजदीक राऊ तहसील क्षेत्र अंतर्गत रंगवासा में भूमाफिया द्वारा शासन की लगभग 87 एकड़ जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी काटने की तैयारी कर दी। पूर्व में शिकायत और जांच पड़ताल के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा और न्यायालय ने 22 जून तक के लिए यहां किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाई है। इसके बाद भी कॉलोनी काटने वाले भू माफिया राहुल तंवर द्वारा कॉलोनी विकास का काम तेजी से किया जा रहा है। पिछले दो दिन शनिवार- रविवार को अवकाश के दौरान यहां कई मजदूर और मशीन काम कर रहे थे। कोर्ट की रोक के बाद भी सरकारी जमीन पर कॉलोनी आकार ले रही है और गेट, सड़क तथा बाउंड्रीवॉल जैसे काम किए जा रहे हैं। जो सीधे न्यायालय की अवमानना है।
विकास अनुमति आवेदन निरस्त, कोर्ट की रोक
शासकीय जमीन पर कॉलोनी काटने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित कॉलोनी सेल में विकास अनुमति के लिए आवेदन दिया गया। शिकायतें और अखबारों में लगातार खबरें प्रकाशित होने के चलते सरकारी जमीन पर विकास अनुमति नहीं दी गई। इस मामले में पट्टे की जमीन खरीद कर कॉलोनी काटने वाले भूमिया राहुल तंवर ने कोर्ट की शरण ली, जिस पर कोर्ट ने किसी भी तरह की कार्रवाई पर विराम लगा दिया है। कोर्ट ने भूमाफिया पर कार्रवाई पर रोक लगाने के साथ जमीन पर काम करने पर भी रोक लगाई है, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद भूमाफिया द्वारा मौके पर बिना विकास अनुमति कॉलोनी विकसित करने का काम किया जा रहा है।
ये अपराध भी : तालाब बुरा, पहाड़ी खोदी
रंगवासा की इस बेशकीमती शासकीय जमीन पर पूर्व में पहाड़िया और तालाब थे। पिछले दो वर्षों में भूमाफिया और अफसरो की सांठगांठ के चलते यहां से बड़ी मात्रा में अवैध खनन भी किया गया। खनिज विभाग नींद में सोता रहा रंगवासा की यह जमीन समतल हो गई। इसके अलावा इसी भूमि पर तालाब था जिसे भर दिया गया। दो बड़े जघन्य अपराध के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और शासकीय जमीन ठिकाने लगाने में सहयोगी बने गए।
सरकारी करने के संभागायुक्त का आदेश
करीब 2 वर्ष पहले जब इस सरकारी जमीन पर कॉलोनी काटने का मामला सुर्खियों में आया, तब तात्कालिक संभाग आयुक्त दीपक सिंह ने इसको लेकर एक आदेश जारी किया था। संभाग आयुक्त के स्पष्ट आदेश थे, कि इस जमीन को कब्जे में लेकर सरकारी घोषित किया जाए। संभाग आयुक्त के आदेश के बावजूद राजस्व अमले ने जमीन कब्जा लेने में कोताही कर भूमाफिया को अवसर दिया।
ये हैं जिम्मेदार
रंगवासा में 18 किसानों को जुताई के लिए पट्टे पर दी गई सरकारी जमीन की सौदेबाजी और माफियाओं द्वारा कॉलोनी काटने के मामले में क्षेत्र के पटवारी, राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार सहित पूरा राजस्व अमला शामिल है। वरना अब तक उक्त जमीन शाहकीय कब्जे में होती।
इनका कहना है
कोर्ट से रोक है , जानकारी नहीं है। यदि काम चल रहा है तो रुकवायेंगे, मैं आज दिखवाता हूं।
(SDM बयान देकर जिम्मेदारी से मुक्त हो गए, सोमवार रात तक कोई भी मौके पर नहीं गया।)
– गोपाल वर्मा, एसडीएम राऊ (इंदौर) ।


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