इंदौर। 2026 का केंद्रीय बजट भारतीय अर्थव्यवस्था के स्वर्णिम युग की आधारशिला है। यह बजट ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ का बेहतरीन समन्वय है। देश के 99 प्रतिशत औद्योगिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले MSME के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के ‘ग्रोथ फंड’ का प्रावधान एक क्रांतिकारी कदम है।
यह बात इंदौर के ख्यात उद्योगपति एवं भाजपा के कोषाध्यक्ष सचिन बंसल ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 से 2000 इंडस्ट्री क्लस्टर्स को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित होंगे। सेमी कंडक्टर मिशन 2.0 और टेक्सटाइल पार्क जैसे निवेश भविष्य की डिजिटल इकोनॉमी में भारत की धाक जमाएंगे।

आयकर कानूनों में सरलीकरण का स्वागत योग्य् है, मिसरिपोर्टिंग पर पेनल्टी को 200 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत करना और ITR दाखिल करने की तिथियों का तार्किक निर्धारण (31 जुलाई और 31 अगस्त) करदाताओं और प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत देगा। NRI संपत्तियों की खरीद पर पैन-आधारित टीडीएस प्रक्रिया और पोर्टफोलियो निवेश की सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा।
यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि रेल कॉरिडोर, केमिकल पार्क और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों के माध्यम से भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का केंद्र बनाने का रोडमैप है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया आयकर कानून कर प्रशासन की जटिलताओं को समाप्त कर एक पारदर्शी भारत की नींव रखेगा।


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