दो फैक्ट्रियों में निर्माण कार्य बंद, भारी मात्रा में नमूने जब्त
इंदौर — शहर में शीत ऋतु के दौरान गजक की बढ़ती मांग के बीच जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों और अस्वच्छता के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को शहर की दो बड़ी गजक निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की गई, जहाँ अस्वच्छ परिस्थितियों को देखते हुए काम तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
कार्रवाई-1: नेताजी सुभाष मार्ग (माँ दुर्गा गजक भंडार)
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नेताजी सुभाष मार्ग स्थित माँ दुर्गा गजक भंडार का औचक निरीक्षण किया।
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अनियमितता: मुरैना निवासी संचालक मुकेश राठौर के इस प्रतिष्ठान में गजक और दाना पट्टी का निर्माण अत्यधिक गंदगी के बीच पाया गया।
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एक्शन: टीम ने अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों को देखते हुए न केवल खाद्य पदार्थों के नमूने लिए, बल्कि फैक्ट्री का संचालन भी तुरंत रुकवा दिया।

कार्रवाई-2: पाटनीपुरा (जय माँ दुर्गा गजक भंडार)
टीम ने पाटनीपुरा स्थित जय माँ दुर्गा गजक भंडार (56/12) पर भी दबिश दी, जहाँ स्थिति और भी गंभीर मिली।
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बिना लाइसेंस निर्माण: यहाँ बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के बड़े पैमाने पर गजक बनाई जा रही थी।
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नमूने जब्त: मौके से मूंगफली दाना टुकड़ी, गुड़, तिल और पिस्ता फ्लेवर गजक के नमूने विधिवत संग्रहित किए गए।
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एक्शन: बिना लाइसेंस और गंदगी के बीच काम करने के कारण निर्माण कार्य को मौके पर ही बंद कराया गया।
भोपाल भेजी गई रिपोर्ट, होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। लिए गए सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आते ही संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” — कलेक्टर, इंदौर
प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर के अन्य गजक निर्माताओं और खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में मिठाई और अन्य मौसमी खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी इसी तरह की सघन जांच जारी रहने की संभावना है।


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