वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए सरकार हमेशा नियम लागू करती है और दूसरे दिन ही यातायात पुलिस चालान काटना शुरू कर देती है। तो अब प्रश्न यह उठता है कि यातायात पुलिस हेलमेट की अनिवार्यता बता कर जनता को जागरूक करेंगी या वाहन चालकों से वसूली करना शुरू कर देंगी। यदि सच में वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करना है तो उसके लिए कोई ठोस कदम जो कि जनता को जागरूक कर सके ऐसे ही उठाने होंगे। इंदौर एक ऐसा शहर है जो हर अच्छी आदत को अपनाने में ज्यादा समय नहीं लगाता है। लेकिन सिर्फ उन्हें जागरूकता की ही आवश्यकता है। वाहन चालकों की सुरक्षा सिर्फ चालान काटने से हो जाएगी इसकी गारंटी क्या यातायात पुलिस दे रही है? इसलिए अब यातायात पुलिस को ऐसी तरकीब अपनानी होगी कि वाहन चालक जागरूक होकर बिना चालान के ही हेलमेट पहने।
धूल- धुंए से भी होगी सुरक्षा
मोटरव्हीकल एक्ट के तहत हेलमेंट पहनना अनिवार्य किया गया है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस का यह मानना है कि हेलमेट पहनने से ही सड़कों पर हादसों की कमी हो आएंगी। हर बाइक सवार को भी पता है कि हेलमेट से उसकी सुरक्षा होती है सिर्फ ट्रैफिक से ही नहीं अपितु धूल- मिट्टी से भी उसकी आंखे और त्वचा की सुरक्षा होती है। हादसे में सिर से चोंट से तो वह बचेगा ही लेकिन रोजमर्रा की धूल- मिट्टी से भी सुरक्षा होगी तो फिर वाहन चालक हेलमेट पहनने से क्यों कतराते है।
एक रिसर्च की है जरूरत
हेलमेट पहनने में रूचि ना दिखाने के बारे में अब यातायात पुलिस को एक रिसर्च की करने की जरूरत है। जागरूकता फैंलाने के नाम पर पुलिस यदि फूल दें तो यह काफी नहीं है। पुलिस को अब उन कारणों को खोजना होगा जो हेलमेट पहनने में बाधक बन रहे है।
अब जरूरत है हेलमेट ना पहनने के कारण जानने की
शहरो में वाहन चालकों के पास हेलमेट है। याने हेलमेट खरीदना में वाहन चालक सक्षम है। फिर पहनने में क्या दिक्कत है। तो कई लोगों का कहना हैकि हम तो हेलमेट पहन लेते है लेकिन जब सड़कों पर चलते है तो सड़कों पर ट्रैफिक ऐसा नहीं है कि हेलमेट पहन कर चला जाएं। बाइक और स्कूटी को ट्रैफिक में से निकालते समय चारों तरफ वाहनों को देखना पड़ता है जो कि आसान काम नहीं है। इसलिय मजबुरी में हेलमेट उतार कर गाड़ी चलाते है।
मुहिम चलने तक ही पहनेगे हेलमेट
प्रदेश सरकार हर बार सर्कुलर जारी करके हेलमेट पहनाने को लेकर अभियाना चलवाती है। आम जनता और वाहन चालक भी जब तक मुहिम चलती है तब तक हेलमेट पहन लेते है। इसके बाद वह भी हेलमेट पहनना छोड़ देते है। यदि ऐसे ही चलता रहा तो क्या यातायात पुलिस हमेशा इसी तरह करती रहेगी। वाहन चालक भी बरसाती मेढ़क की तरह हेलमेट पहन कर निकलेगे। जबकि हेलमेट वाहन चालको की सुरक्षा का साधन है। इसे पहनने के लिए जागरूकता ही अनिवार्य है चालानी कार्रवाई इसका हल नहीं है। हेलमेट को लेकर अभियान में यातायात पुलिस ने पहले ही दिन 848 पर चालानी कार्रवाई कर दी है। यातायात पुलिस और इस मामले में ढील बरतेगी,लेकिन अब इसको लेकर सख्ती बरती जाएगी। इसके साथ ही यातायात जागरूकता रथ की भी शुरुआत होने जा रही है।
एक महीने तक होगा जागरूकता रथ से प्रचार
डीसीपी यातायात आनंद कलादगी ने बताया कि यातायात संबंधी जागरूकता के लिए एक रथ भी तैयार करवाया गया है,जिसमें एलईडी के माध्यम से यातायात जागरूकता संबंधी स्लोगन,गाने,रील्स और वीडियो का प्रचार किया जाएगा। ये रथ अगले एक महीने शहर के प्रमुख चौराहों पर प्रचार-प्रसार करेगा।


Users Today : 15
Total Users : 13798
Views Today : 28
Total views : 24325
Who's Online : 0
Server Time : June 13, 2026 3:17 pm