इंदौर: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और पिछले 40 वर्षों से राजनीति में सक्रिय कैलाश विजयवर्गीय ने धनतेरस के शुभ अवसर पर अपने पुश्तैनी व्यवसाय और जड़ों को याद किया। शनिवार को वे इंदौर के नंदानगर स्थित अपनी पुरानी किराने की दुकान पर पहुँचे।
पुरानी यादें और संघर्ष:
विजयवर्गीय ने बताया कि: उनके पिता एक मिल में काम करते थे, लेकिन मिल की तनख्वाह से परिवार का गुजारा मुश्किल से होता था। इस कारण परिवार ने किराने की दुकान खोली, जो परिवार के पालन-पोषण का मुख्य जरिया बनी।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनकी पढ़ाई की फीस भी इसी किराने की दुकान की कमाई से चुकाई जाती थी।
धनतेरस पर परंपरा:
कैलाश विजयवर्गीय हर साल धनतेरस के मौके पर अपनी इस दुकान पर आते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
इस शनिवार को भी वे दुकान पर पहुँचे।
उन्होंने ग्राहकों को पुड़िया बाँधकर दी और कुछ देर के लिए खुद भी ग्राहकों को सामान दिया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें राजनीति से समय मिलता है, वे दुकान पर आकर बैठना पसंद करते हैं।
यह दौरा मंत्री विजयवर्गीय के लिए एक परंपरा और अपनी पारिवारिक जड़ों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का मौका था।


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Server Time : September 5, 2026 6:00 pm