क्षेत्र का पटवारी और एसडीएम बन रहे है अंजान , किसान को डेढ़ 3लाख देकर जमीन खोद डाली
महेश्वर ( खरगोन)। ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी से लेकर अधिकारियों की मनमानी कोई देखने वाला नहीं है जिसके चलते कई बार निजी कंपनियों के मोहरे बन अफसर किसानों से जमीन छीनने तक आमदा हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला खरगोन जिले के महेश्वर के समीप नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर बड़े पाथरोड गांव का है। यहां के एक किसान से निजी कंपनी और राजस्व अधिकारियों ने मिलकर किसान को मात्र 1.5 लाख रुपए देकर 5 एकड़ से अधिक जमीन हड़पने का षड्यंत्र कर डाला। हालांकि मामला उजागर हो गया और अब किसान के समर्थन में कई लोग आ गए हैं।


एक गरीब किसान परिवार गंगा बाई पति दयाराम , मोहनसिह पिता दयाराम चौहान निवासी ग्राम पथराड़ तहसील महेश्वर जिला खरगोन की 8 बीघा खेती की जमीन है जिस पर वह खेती किसानी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर परिवार पालने वाली गंगा बाई पति दयाराम की जमीन 25 वर्ष पूर्व एस. कुमार्स हाइड्रो पावर कंपनी ने डूब क्षेत्र में घोषित कर दी थी, लेकिन इस महिला को पयार्प्त मुवावजा नही दिया गया था। जिसके कारण इस जमीन पर से उसने अपना हक अधिकार नही छोड़ा। किसान परिवार की इस जमीन पर अचानक दो तीन महीने से कोई प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी मशीने लॉकर उसकी सिंचाई की पाइप लाइन को तोड़कर एवं पुराने पेड़ो की अवैध कटाई कर दादागिरि के साथ खेत की खुदाई कर रहे है एवं कब्जा करने का प्रयास कर रहे है। इस मामले को लेकर हिंदू महासभा के अर्जुन सिंह चौहान एवं सहयोगियों ने एसडीएम से मिलकर किस की जमीन बचाने के लिए किसान परिवार की मदद करने की मांग की है। चौहान एसडीएम से मुलाकात कर कहा कि आपकी जिम्मेदारी किसी कंपनी के लिए नहीं बल्कि कई वीडियो से यहां काम कर रहे हैं किसानों की रक्षा के लिए है और सरकार किसानों की हितेषी है एवं खेती को लाभ का धंधा बनाने का पूरा प्रयास कर रही है। माननीय मुख्यमंत्रीजी गरीब लोगों को पट्टे की जमीनों को भी किसानों के हक में सरकार द्वारा निशुल्क रजिस्ट्रीकरण करने की जगह जगह किसानों के हित मे घोषणाएं कर रहे है। ऐसे में कुछ अधिकारियों से साठगांठ कर गरीब महिला किसान की जमीन पर बिना किसी नोटिस बिना किसी उचित मुवावजे के दादागिरि से जमीन को कब्जाने का कार्य किया जा रहा है, जो अनुचित है।
इस मामले में पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत कर रखी है। अभी तक वहां से भी उस गरीब महिला की कोई मदद नही ही पाई है। किसान के साथ हुई हरकत को लेकर हिंदू महासभा ने ज्ञापन देकर आपत्ति दर्ज कराई और इंदौर संभाग को भी इसके प्रति दी गई है।
7 दिन में निराकरण करें
किसान ने काम रुकवाया तो 2 दिन बाद नायाब तहसीलदार व पटवारी ने किशान को डरा धमका कर काम फिर से चालू करवा दिया। गरीब किसान महिला जगह जगह जाकर मदद की गुहार लगा रही है। हिंदू महासभा के चौहान ने एसडीएम से कहा कि स्थानीय प्रशासन उक्त महिला की समस्या का 7 दिनों के अंदर निराकरण करे, अन्यथा 7 दिनो के बाद हिन्दु महासभा स्वयं किसान के पक्ष में न्याय दिलाने के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं को लेकर सड़क पर उतरेगी।


Users Today : 3
Total Users : 15585
Views Today : 3
Total views : 27708
Who's Online : 0
Server Time : July 22, 2026 3:53 am