दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में अपने एक फैसले में कहा कि किसी भी ऐसी फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं किया जा सकता, जिसमें धर्म का मजाक उड़ाया गया हो, नफरत फैलाने वाली या सामाजिक सद्भाव को खतरा फैलाने वाले सीन हो. कोर्ट ने कहा खासकर एक ऐसे समाज में जो धर्मनिरपेक्ष हो, इस तरह की फिल्म दिखाने की परमिशन नहीं दी जा सकती.
दरअसल, जस्टिस प्रीतम सिंह अरोड़ा ने यह टिप्पणी फिल्ममेकर श्याम भारती की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म ‘मासूम कातिल’ के सर्टिफिकेट को लेकर बात की थी.


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