सरकार ने 80 लाख खर्च किए फिर भी रसूखदारों के घर पानी भरने जाते हैं गरीब ग्रामीण
इंदौर (मंगल सिंह राजपूत )। केंद्र सरकार की बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना को लेकर पीएचई ने कहीं भी ठीक से काम नहीं किया और गलत जानकारी बनाकर सरकार को भेज दी है। दस्तावेजों में जो प्रोजेक्ट पूरे बताए गए हैं, वहां आज भी पानी की टंकी और पाइप लाइन का काम अधूरा पड़ा है जबकि जनता का 80 लख रुपए से अधिक ठिकाने लगा दिया।

सरकारी योजनाओं में जनता का पैसा किस कदर ठिकाने लगाया जाता है, कैसे सरकारी पैसों की लूट मचा रखी है इसके सैकड़ो नहीं हजारों उदाहरण मिल जाएंगे। लेकिन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना “जल जीवन मिशन” मैं कैसा पलीता लगाया है यह किसी भी गांव में जाकर देखा जा सकता है। “जनहित मीडिया” की टीम ने इंदौर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में जब इसकी हकीकत जानी तो सरकारी दस्तावेजों से उलट कुछ और ही नजारे देखने को मिले। दरअसल जहां भी एचसी ने प्रोजेक्ट महीनों पहले पूरे बताएं वहां कई काम आज भी अधूरे पड़े हैं। हमारी टीम ने इंदौर तहसील के झलारिया पंचायत और इसी पंचायत के गांव हिंगोनिया में वास्तविक स्थिति देखी तो वहा पानी की अधूरी टंकी, सूखे नल और ऊपर पड़े पाइप सब बयां कर रहे थे। जब ग्रामीणों से बात की तो दोनों गांव में लोगों ने ही विभाग की पोल खोल दी। झालरिया में लोगों का कहना था कि टांका तो बन गई है लेकिन कभी पानी नहीं आया वह आज भी बड़े बंगले वालों के यहां से पानी भरकर लाते हैं। कुल मिलाकर ग्रामीणों का तात्पर्य यह था कि सरकार ने वहां 80 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च की है उसके बावजूद गरीब ग्रामीण बंगले वालों के घर पानी भरने जाते हैं जबकि प्रधानमंत्री का सपना है कि हर ग्रामीण को घर में नाल हो और उसमें 24 घंटे उसे पानी मिले।
झलारिया पंचायत के हिंगोनिया में जमीन पर सम्पवेल जैसी टंकी बनी है इस गांव में अभी कई काम अधूरे हैं। लेकिन लोग स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने सरकार को जो रिपोर्ट भेजी है उसमें प्रोजेक्ट पूरा बताया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि 2 साल पहले काम बंद कर दिया है लेकिन पानी आज तक एक बूंद भी नहीं मिला।
1 करोड़ 10 लाख से अधिक खर्च
पीएचई ने ग्राम पंचायत झालरिया में लगभग एक करोड़ 11 लख रुपए खर्च किए है। इसमें झालरिया गांव में वेलकिन ने काम किया है और 80 लाख 28 हजार रुपए खर्च किए गए, जबकि हिंगोनिया में 30 लाख 69 हज़ार खर्च किया यहां एलएस परमार को ठेका दिया गया था।
काम अधूरे, किसने पूर्णता रिपोर्ट बनाई
गांव में आज भी काम अधूरे पड़े हैं ग्रामीणों को पानी नहीं मिला है नल सूखे खड़े है और टंकी कभी भरती नहीं है। पंचायत के सरपंच , सचिव का कहना है कि पीएचई 3 महीने योजना चलाकर हमें सौंप दे , लेकिन विभाग ने 3 दिन भी पानी नहीं दिया और काम पूरा बताया जा रहा है।


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