नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉरपोरेशन ( एनबीएफसी ) पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द किए हैं। आरबीआई ने आरबीआई एक्ट 1934 की 45-आईए (6) के तहत अपने अधिकार का उपयोग करते हुए 21 कंपनियों के कामकाज पूरी तरह बंद कर दिए हैं। अब उन्हें किसी भी तरह के वितरण की अनुमति नहीं रहेगी।
आरबीआई ने कई नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द कर कारोबार करने से रोका गया है। इनमें 13 एनबीएफसी और एक एचएफसी ने खुद अपना सीओआर सरेंडर कर दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया बैंकों के साथ नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों को भी रेगुलेट करने का काम करता है। ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए आरबीआई हमेशा सख्त कदम उठाता रहता है और एक बार फिर बैंक रेगुलेटरी अथॉरिटी ने सख्ती करते हुए
एक साथ 21 एनबीएफसी का लाइसेंस यानी सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। आरबीआई ने प्रेस वी विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि आरबीआई एक्ट 1934 की 45-आईए (6) के तहत यह 21 एनबीएफसी और एचएफसी के लाइसेंस रद्द किए है। अब इन कंपनियों को नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूट के तौर पर बिजनेस करने की अनुमति नहीं होगी। डिपॉजिट, लोन और अन्य वित्तीय गतिविधियों को जारी रखने से रोका गया है। इसके अलावा 13 एनबीएफसी और एक HFC ने खुद अपना COR सरेंडर कर दिया है। अर्थात 13 अक्टूबर से 34 संस्थाओं के कामकाज बंद हो गए हैं।


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