इंदौर। इंदौर में अवैध वसूली करने वाली एक शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। इस गैंग ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर एक युवक को अगवा किया, घंटों कार में बंधक बनाए रखा और उससे लाखों रुपये की क्रिप्टोकरेंसी (USDT) और नकदी लूट ली। सूचना मिलने पर सक्रिय हुई क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार बदमाशों को एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में क्रिप्टो करेंसी, फॉरेक्स ट्रेडिंग और एडवाइजरी फर्म से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
ठगी की यह घटना अन्नपूर्णा और द्वारकापुरी थाना क्षेत्र की है, जहां साठ फीट रोड निवासी स्नेह परमार (पुत्र राजेश परमार) को निशाना बनाया गया। स्नेह ट्रेडिंग से संबंधित काम करता है। स्नेह ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात दो बदमाश उनके घर आए। दोनों ने खुद को क्राइम ब्रांच में पदस्थ बताया और घर की तलाशी ली। आरोपियों ने स्नेह पर अवैध काम करने का आरोप लगाया और उनका मोबाइल जब्त कर लिया। इसके बाद, पूछताछ के बहाने उसे एक कार (MP 13 ZJ 5950) में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया।
कार में बंधक बनाकर की वसूली
आरोपियों ने स्नेह को घंटों तक कार में बंधक बनाकर रखा और धमकाया। इस दौरान उन्होंने स्नेह से लाखों रुपये मूल्य की USDT (क्रिप्टो करेंसी) और 50 हजार रुपये नकद जबरन वसूल कर लिए। लूट की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच सक्रिय हुई और तेजी से बदमाशों की तलाश शुरू की गई।
क्राइम ब्रांच ने चार को पकड़ा
क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में चार बदमाशों को धर दबोचा। पकड़े गए बदमाशों में दीपक तिवारी और अमन लोहिया सहित चार अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने चारों बदमाशों को एक ढाबे से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इन्होंने पहले भी इसी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को निशाना बनाया है। क्रिप्टोकरेंसी की वसूली से जुड़े तार यह संकेत दे रहे हैं कि यह गिरोह वित्तीय लेन-देन और ट्रेडिंग की जानकारी रखने वाले लोगों को ही निशाना बना रहा था। पुलिस आगे की कार्रवाई और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।


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