चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम लंबे समय से विवादों में रही थी और बच्चों की भलाई के लिए तय पैसा कहीं और चला जाता था। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार ने इस योजना को सही दिशा में लाया और दोषियों पर कार्रवाई भी की। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि 2021 के अंत तक 1,76,842 बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे थे। अब 2024-25 में इनकी संख्या बढ़कर 2,37,456 हो गई है यानी 35% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 5 सालों में 3,71,000 से ज्यादा छात्रों ने इसका फायदा उठाया और दाख़िले बढ़कर 6,78,000 हो गए।
11 बड़े कॉलेज जुड़े स्कीम से
मंत्री ने कहा कि अब 11 बड़े संस्थान भी इस योजना से जोड़े जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं — एम्स बठिंडा, आईआईटी रोपड़, एनआईटी जालंधर, आईआईएम अमृतसर, नाइपर मोहाली, निफ्ट मोहाली, आईएसआई चंडीगढ़, थापर यूनिवर्सिटी पटियाला, राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पटियाला, आईसर मोहाली और आईएचएम गुरदासपुर। यहां मेरिट पर दाख़िला लेने वाले गरीब बच्चों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
विदेश में उच्च शिक्षा के लिए नई शर्तें
सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों को विदेश में पढ़ाई के लिए भी योजना का लाभ देने का एलान किया है। इसके लिए परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपए से कम, डिग्री में कम से कम 60% अंक और उम्र 35 साल से कम होना जरूरी है। साथ ही 30% आरक्षण लड़कियों के लिए रखा गया है। सरकार की ओर से वीजा, ट्यूशन फीस, हवाई टिकट और मेडिकल इंश्योरेंस का खर्च उठाया जाएगा। एक परिवार के 2 बच्चे इस स्कीम का फायदा ले सकेंगे। इसके लिए एक पोर्टल खोला गया है, जिसमें दुनिया की 500 यूनिवर्सिटियों के नाम शामिल हैं।
पीसीएस तैयारी के लिए क्रैश कोर्स
डॉ. बलजीत कौर ने यह भी बताया कि अंबेडकर संस्थान में एससी, बीसी और अल्पसंख्यक वर्गों के बच्चों के लिए पीसीएस की तैयारी करवाने हेतु क्रैश कोर्स शुरू किया जाएगा। इसकी प्रवेश परीक्षा 30 सितंबर को होगी और 40 छात्रों को दाख़िला मिलेगा। यह कोर्स 2 महीने का होगा और दिसंबर तक चलेगा।


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