बिजली कंपनी की मनमानी, 10 वर्ष से अधिक पुराने बकाया के लिए उपभोक्ताओं से सख्ती, बिजली भी काट रहे
इंदौर। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बिल्डरों से सांठगांठ कर लाखों रुपए की चपत पहले बिजली कंपनी को लगाई, अब इसकी पूर्ति करने के लिए एक दशक से अधिक समय बीच जाने के बाद बिल्डरों का पैसा उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए सख्ती की जा रही है। 30 -40 उपभोक्ताओं पर तगादा किया जा रहा है। भुगतान नहीं करने पर बिजली काटने की धमकी भी मिल रही है और कुछ लोगों की बिजली काटी भी जा चुकी है।

मामला मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दूधिया ग्रेड अंतर्गत मानसरोवर कॉलोनी और इसके आसपास का है। बिजली कंपनी द्वारा यहां वर्ष 2015-16 में मकान बनाकर बेचने वाले ठेकेदारों और छोटे बिल्डरों को अस्थाई कनेक्शन दिए गए थे। उनसे बिजली का बिल नहीं वसूला गया और बाद में उन्हीं पतो पर स्थाई कनेक्शन दे दिया। कई वर्ष बीत जाने के बाद अब वर्ष 2015-16 में दिए गए स्थाई कनेक्शन के बकाया बिल याद आ रहे हैं। वर्ष 2015-16 के अस्थाई दिए गए कनेक्शन बंद करने के एक दशक बीत जाने के बाद अब उसकी वसूली की जा रही है। मानसरोवर कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि उनकी कालोनी में ही ऐसे 30- 40 उपभोक्ताओं की सूची है, जिन पर पुराना बकाया बताकर कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है।
स्थाई कनेक्शन तभी जब अस्थाई का भुगतान किया है
मकान निर्माण के दौरान लिए गए अस्थाई कनेक्शन का जब तक पूर्ण रूप से भुगतान नहीं किया जाता नियम अनुसार बिजली का नया कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। कंपनी अस्थाई मी संबंधित स्थान से तभी हटती है जब उसके दिल का पूर्ण भुगतान हो गया हो। लेकिन मकान बनाने वाले ठेकेदारों के बिल बकाया होने के बावजूद मकान खरीदने बालों को स्थाई कनेक्शन दे दिए और अब वसूली अभियान चलाया जा रहा है। जबकि मीटर निकालते समय पूर्ण राशि जमा करवाना चाहिए था।


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