महिला आरक्षण बिल 2023 में पूर्ण बहुमत से पास हुआ, सरकार ने सुविधा अनुसार 16 अप्रैल 2026 को नोटिफाई किया क्यों ?
इंदौर। भाजपा सरकार ने महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को गुमराह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पूर्ण बहुमत से पारित हो चुका था, लेकिन सरकार ने इसे लागू करने के बजाय 16 अप्रैल 2026 को अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार नोटिफाई किया। उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण नहीं बल्कि यह मोदी संरक्षण बिल साबित हो रहा है, जिसे रोका गया है।

यह बात आज इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता मे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शिल्पी अरोड़ा ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जनगणना और परिसीमन (Delimitation) के बहाने महिला आरक्षण को लागू करने में देरी कर रही है। हम महिला आरक्षण बिल स्वीकृत करने की मांग कर रहे हैं सरकार अभी इसी स्थिति में इसे स्वीकृत करें। चर्चा में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया, हिमानी सिंह, पार्षद सोनिला मीमरोट द्वारा केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए महिलाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को विस्तार से रखा। प्रवक्ता ने कांग्रेस का स्पष्ट रुख एवं मांगें बताते हुए कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करती है और इसे बिना किसी देरी के तुरंत लागू करने की मांग करती है।
कांग्रेस ने लगातार मांग की थी कि इसे 2024 के चुनावों से ही लागू किया जाए, सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाए। यदि शीघ्र लागू करने के लिए किसी संशोधन की आवश्यकता हो, तो सरकार तत्काल करे। 543 सदस्यों की मौजूदा लोकसभा संरचना के भीतर ही आरक्षण लागू किया जा सकता है। श्रीमती अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस का महिलाओं के सशक्तिकरण का लंबा इतिहास रहा है, जिसमें राजीव गांधी जी के नेतृत्व में स्थानीय निकायों में आरक्षण की पहल शामिल है।
जातिगत जनगणना और ओबीसी प्रतिनिधित्व
अरोड़ा ने कहा कांग्रेस महिला आरक्षण में ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने का समर्थन करती है। इसके लिए जातिगत जनगणना आवश्यक है, ताकि एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं को न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व मिल सके। पांच साल की देरी सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री पर है।
यू टर्न वाली सरकार
केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अरोड़ा ने कहा पूर्व में भी हजारों किसानों के बलिदान के बाद काले कृषि कानून वापस लिए। जीएसटी का गलत इम्प्लीमेंटेशन कर वर्षों तक जनता पर बोझ डाला और बाद में बदलाव करना पड़ा। अब जातिगत जनगणना को जानबूझकर टाला जा रहा है। उन्होंने परिसीमन को भाजपा का एजेंडा बताया।


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