इंदौर: मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इंदौर के एक स्कूल कार्यक्रम में ‘नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण’ पर बोलते हुए उन्होंने एक ऐसा उदाहरण दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने परोक्ष रूप से भ्रष्टाचार और परवरिश के कनेक्शन पर कटाक्ष किया।
बच्चों के चरित्र निर्माण पर बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा:
“कितनी भी शिक्षा नीति बना लो, लेकिन घर के अंदर वातावरण ऐसा है कि यदि पिता पीडब्ल्यूडी (PWD) मिनिस्टर हो और कपड़े दिलाने ठेकेदार ले जाए, तो फिर बच्चे का कैसा चरित्र निर्माण होगा?”
उनका यह बयान इशारा करता है कि यदि घर में भ्रष्टाचार का माहौल होगा, तो अच्छी से अच्छी शिक्षा नीति भी बच्चे को संस्कारवान नहीं बना सकती।
विजयवर्गीय ने आधुनिक जीवनशैली और पेरेंटिंग पर भी सवाल उठाए: उन्होंने कहा, “शाम को माता-पिता बच्चों के सामने पार्टी करेंगे, तो बच्चा वही सीखेगा जो देखेगा। फिर हम चाहे जितने भी ज्ञान-चरित्र-एकता की बात करें, कोई मतलब नहीं।” उनका मानना है कि स्कूली शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता के लिए भी एक सिलेबस होना चाहिए, ताकि वे घर में सही वातावरण दे सकें।
‘सिर्फ डॉक्टर-इंजीनियर नहीं, राष्ट्रभक्त चाहिए’
उन्होंने शिक्षा के उद्देश्य पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कौन सा संगठन है जो राष्ट्रभक्त बनाने की बात करता है? हम सिर्फ डॉक्टर या इंजीनियर बनाने की बात करते हैं। “हमारा बेटा चरित्रवान और राष्ट्रभक्त हो, यह अक्सर चर्चा का विषय नहीं होता।”
गौरतलब है कि मंत्री विजयवर्गीय पिछले दिनों एक पारिवारिक सदस्य के निधन के चलते 10 दिन के अवकाश पर थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी थी। अब वे वापस काम पर लौट आए हैं और सार्वजनिक आयोजनों में सक्रिय हो गए हैं। गुरुवार को ही उन्होंने शहर के एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी ली थी।


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