लाड़ली बहना राशि ₹1500 हुई, अद्वैत लोक की लागत को पुनरीक्षित मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार (10 नवंबर 2025) को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि में वृद्धि, ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर संग्रहालय “अद्वैत लोक” की पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति और सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने जैसे महत्त्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
1. मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना: अब मिलेगी ₹1500 मासिक सहायता
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि में वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
- बढ़ी हुई राशि: सहायता राशि ₹1250 से बढ़ाकर ₹1500 प्रतिमाह कर दी गई है।
- लागू होने की तिथि: यह बढ़ी हुई राशि नवंबर 2025 से लागू होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव 12 नवंबर को सिवनी से यह बढ़ी हुई राशि ट्रांसफर करेंगे।
- योजना का इतिहास: योजना की शुरुआत मार्च 2023 में ₹1000 की मासिक सहायता से हुई थी, जिसे सितंबर 2023 में बढ़ाकर ₹1250 किया गया था।
- लाभार्थी और व्यय:
- लाभार्थी: मध्य प्रदेश में अभी 1.26 करोड़ लाड़ली बहनें हैं।
- अतिरिक्त बजट: इस बढ़ोतरी से वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹1793 करोड़ 75 लाख के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी।
- कुल वार्षिक व्यय: पूरे वर्ष का संभावित व्यय ₹20,450 करोड़ 99 लाख रहेगा।
- छूटे हुए पात्र: योजना में छूटे हुए पात्र नामों को जोड़ने पर सरकारी निर्णय समय पर लिया जाएगा।
2. आचार्य शंकर संग्रहालय “अद्वैत लोक”: पुनरीक्षित लागत स्वीकृत
ओंकारेश्वर में बन रहे भव्य आचार्य शंकर संग्रहालय “अद्वैत लोक” के निर्माण की लागत को कैबिनेट ने पुनरीक्षित स्वीकृति दी है।
- नई पुनरीक्षित लागत: ₹2424 करोड़ 369 लाख को मंजूरी दी गई है।
- पुरानी स्वीकृति: पहले जून 2025 में इस परियोजना के लिए ₹2195 करोड़ 54 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी।
- परियोजना के घटक: यह परियोजना एकात्म धाम के अंतर्गत विकसित की जा रही है, जिसके प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं:
- 108 फीट ऊंची आचार्य शंकर की बहुधातु प्रतिमा।
- शंकर संग्रहालय।
- अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान।
- अद्वैत निलयम।
- कार्यान्वयन एजेंसी: परियोजना का निर्माण एमपी टूरिज्म कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा है।
3. सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य के शासकीय भवनों पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
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- मॉडल: राज्य के सभी शासकीय भवनों पर रेस्को (RESCO) पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाएंगे।
- निवेश: इस व्यवस्था में शासकीय विभागों को कोई निवेश नहीं करना होगा।
- लागत और बचत: विभाग केवल उपभोग की गई ऊर्जा के लिए प्रति यूनिट भुगतान करेंगे, जो डिस्कॉम (DISCOM) दरों से कम होगा। इससे शासकीय संस्थानों को बिजली खर्च में बचत होगी।
- अवधि: ये संयंत्र 25 वर्ष की अवधि के लिए लगाए जाएंगे और इनका रखरखाव भी रेस्को इकाई द्वारा किया जाएगा।
- स्थापना क्षेत्र: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा, सतना सहित सभी जिलों में सौर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
- उदाहरण: केवल भोपाल में ही 211 साइट्स पर 15,695 किलोवॉट क्षमता के संयंत्र लगाने की योजना है।
4. मांधाता में नए न्यायालय को मंजूरी
कैबिनेट ने न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खंडवा जिले की मांधाता तहसील में नए न्यायालय की स्थापना को मंजूरी दी।
- स्वीकृति: व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड के न्यायालय की स्थापना को मंजूरी।
- पदों का सृजन: इसके लिए कुल 7 नए पद (एक न्यायाधीश और छह सहायक कर्मी) के सृजन को मंजूरी दी गई।
- वार्षिक व्यय: इस पर सालाना ₹52 लाख 76 हज़ार का व्यय अनुमानित है।


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