जंगल सफारी का लिया आनंद, बोले- हरियाणा की तरह MP, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी हुई है ‘वोट चोरी’
पचमढ़ी, मध्य प्रदेश — लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने दो दिवसीय पचमढ़ी प्रवास के दौरान रविवार को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की खूबसूरत वादियों में जंगल सफारी के लिए निकले। प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के साथ ही, राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए और पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया।
वोट चोरी का गंभीर आरोप
जंगल सफारी के लिए पनारपानी गेट पर राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने हरियाणा में हुए हालिया चुनावी नतीजों पर उठाए गए विवाद का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, “हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुई है। उस डाटा को देखने के बाद लग रहा है कि यही मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी हुआ है। अब एसआईआर के जरिए उसको कवर करने की कोशिश की जा रही है। हमारे पास डिटेल में जानकारी है, धीरे-धीरे उसका खुलासा करेंगे।”
राहुल गांधी ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब मिलकर अमित शाह जी, मोदी जी और ज्ञानेश जी (संभवतः गृह मंत्रालय के अधिकारी) कर रहे हैं, जिससे “देश का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। भारत माता का नुकसान हो रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा साहब के संविधान पर आक्रमण हो रहा है।
जंगल सफारी और सुरक्षा व्यवस्था
राहुल गांधी का जंगल सफारी का कार्यक्रम शनिवार देर रात लगभग 11 बजे तय किया गया था, जिसके बाद रात भर पुख्ता तैयारियां की गईं।
- सफारी रूट: सफारी दल रविवार सुबह पनारपानी गेट पहुंचा। राहुल गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ जिप्सी में बैठकर सफारी शुरू की।
- सुरक्षा: जंगल सफारी के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सफारी दल में पांच जिप्सी और एक फॉरेस्ट कैंपर वाहन शामिल रहा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के सहायक संचालक संजीव शर्मा और रेंजर विवेक तिवारी भी दल के साथ मौजूद रहे।
- प्रमुख पॉइंट: सफारी में घोड़ानाल, बतकछार, नीमघान और पनारपानी जैसे प्रमुख पॉइंट शामिल थे।
संगठन सृजन पर जोर: नैतिक जीवन जीने की सलाह
जंगल सफारी से पहले, राहुल गांधी ने शनिवार को पचमढ़ी में आयोजित ‘संगठन सृजन अभियान’ शिविर में भाग लिया, जिसमें प्रदेश के 71 नव-नियुक्त जिलाध्यक्ष शामिल हुए।
- बूथ स्तर पर मजबूती: उन्होंने जिलाध्यक्षों से संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने और छोटे से छोटे कार्यकर्ता का सम्मान करने का आह्वान किया।
- ईमानदारी और नैतिकता: राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसा जीवन जीना चाहिए कि कोई उन्हें ब्लैकमेल न कर सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जो नेता अनुचित तरीकों से संपत्ति अर्जित करते हैं, वे अंततः सरकार के सामने झुकने को मजबूर हो जाते हैं। हमें सच्चाई और नीतिपरक जीवन अपनाना चाहिए।”
- समन्वय: शिविर में शामिल होने से पहले उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, अजय सिंह, जितू पटवारी और उमंग सिंघार से भी संगठनात्मक समन्वय पर चर्चा की।
वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने बताया कि राहुल गांधी ने विशेष रूप से 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने का आह्वान किया है। ज्ञात हो कि 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को मध्य प्रदेश में एक भी सीट नहीं मिली थी।

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