रायसेन (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजनीति से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां गिरफ्तारी से बचने के लिए ‘बीमारी’ का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हुए दो भाजपा नेताओं की चलाकी काम नहीं आई। कोर्ट के कड़े रुख के बाद, रायसेन जिले के गैरतगंज से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में नगर परिषद अध्यक्ष और भाजपा मंडल अध्यक्ष को जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
रायसेन जिले के गैरतगंज में 15 जून 2025 को नगर परिषद अध्यक्ष जिनेश जैन और भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय जैन ने ड्यूटी के दौरान सिविल अस्पताल के डॉक्टर अनिस्ट लाल से अभद्रता और मारपीट की थी। बीएमओ डॉ. लाल की शिकायत पर गैरतगंज पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक दबाव के कारण मामले में कार्रवाई धीमी पड़ गई थी।
बेहोशी का हाई-वोल्टेज ड्रामा
कई महीनों बाद, जब गैरतगंज न्यायालय ने दोनों नेताओं के खिलाफ जेल वारंट जारी किया, तो कार्रवाई से बचने के लिए दोनों नेताओं ने नाटकीय ढंग से ‘बेहोश’ होने का दावा किया और तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती हो गए। दोनों नेता पिछले दो दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए अस्पताल में थे।
कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, बहानाबाजी हुई फेल
इस ‘बेहोशी’ के ड्रामे के बाद, अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। न्यायालय ने जिला अस्पताल से तत्काल रिपोर्ट तलब की कि किस आधार पर दोनों नेताओं को भर्ती किया गया है। जिला अस्पताल ने न्यायालय को स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं की तबीयत सामान्य है। अस्पताल से हरी झंडी मिलते ही, दोनों को तुरंत डिस्चार्ज कर दिया गया। गैरतगंज पुलिस ने जिनेश जैन और संजय जैन को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया और उन्हें बेगमगंज जेल में शिफ्ट कर दिया।
दीपावली जेल में कटने का खतरा
कानून के जानकारों के अनुसार, दोनों नेताओं पर डॉक्टर से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने की गंभीर धाराएं (धारा 121/3, 296, 351/3, 3/5, 3/4 और 132) लगाई गई हैं। यदि गुरुवार को न्यायालय से दोनों को जमानत नहीं मिलती है, तो हाईकोर्ट में छुट्टियों के कारण दोनों नेताओं को आने वाली दीपावली जेल में ही मनानी पड़ सकती है।


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