विक्रय स्टॉल का कलेक्टर ने किया शुभारंभ, डीएम ने खुद खरीदे दीये और जनसुनवाई में आए बच्चों और महिलाओं को वितरित किए

इंदौर। दीपावली के दौरान घर-घर जलने वाले दीप के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनोखी पहल शुरू की गई है। कलेक्टर ने प्रशासनिक संकुल में मिट्टी और गोबर से बने दियों के स्टॉल का शुभारंभ किया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने खुद मिट्टी के दीए ख़रीदे और जनसुनवाई में आए बच्चों तथा महिलाओं को वितरित करवाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दिनों अपने इंदौर प्रवास के दौरान नेहरू पार्क में राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लगाई प्रदर्शनी में इंदौर में नवाचार के तहत गोबर से स्वदेशी दीये बनाने की मशीन का अवलोकन किया था और उन्होंने दीये बनाये जाने के संबंध में जानकारी ली और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के इंदौर के नवाचार की सराहना की थी। इस नवाचार को विस्तारित करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस नवाचार के तहत गोबर से बने दीये के विधिवत बिक्री के लिए स्टॉल का शुभारंभ किया। उन्होंने पहल करते हुए स्वयं दीए ख़रीदे और जनसुनवाई में बच्चों सहित अन्य आवेदकों को वितरित भी किये। जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारु ने बताया कि गाय के गोबर से निर्मित दीये के स्टॉल के अलावा इंदौर नगर निगम क्षेत्र में खाद्य विभाग के 30 जनपोषण केंद्रों की उचित मूल्य दुकानों से गोबर से निर्मित स्वदेशी दीये विक्रय के लिए रखवाये है। जहॉ इस दीपावली त्यौहार पर 2 लाख से अधिक दीये विक्रय किये जायेंगे।
2 मशीनों से बन रहे गोबर के दीए
नगर निगम इंदौर द्वारा संचालित रेशम केन्द्र खजुरिया तहसील हातोद स्थित गौशाला में तीन दर्जन से अधिक कर्मचारियों एवं 2 मशीनों से गोबर से प्राकृतिक दीये दिन-रात बनाये जा रहें है। इन दीयों की पैकिंग कर बाजार में भी उपलब्ध कराए जा रहे है। कलेक्टर खुद इस अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।


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