इंदौर, मध्य प्रदेश: इंदौर शहर के मध्य स्थित नेहरू नगर और अंबेडकर नगर के पास मध्य प्रदेश हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (हाउसिंग बोर्ड) की 17 पुरानी इमारतों में रह रहे करीब 400 परिवारों पर जान का खतरा मंडरा रहा है। इन तीन-मंजिला भवनों की हालत इतनी जर्जर है कि इनमें कभी भी छत या कोई हिस्सा गिर सकता है।
40 साल पुरानी इमारतें, 300 से अधिक परिवार मजबूर
हाउसिंग बोर्ड की यह कॉलोनियां लगभग 40 साल पुरानी हैं और इनमें बने लगभग 400 फ्लैट्स अब जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके हैं। अधिकांश फ्लैटों की स्थिति यह है कि छतें टपकती हैं और प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है, जिससे निवासियों में हमेशा दहशत का माहौल बना रहता है। इस गंभीर खतरे के बावजूद, हाउसिंग बोर्ड की लापरवाही और शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण 300 से अधिक परिवार इन खतरनाक भवनों में रहने को मजबूर हैं।
3 साल पहले बनी थी नई योजना, काम अब तक शुरू नहीं
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने खुद भी इन इमारतों के खतरनाक होने की पुष्टि कर दी है। जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने तीन साल पहले इन जर्जर इमारतों को तोड़कर यहां एक नई योजना लाने की तैयारी की थी। निवासियों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें इस जानलेवा खतरे से मुक्ति मिलेगी, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी नई योजना पर काम शुरू नहीं हुआ है। बोर्ड की तरफ से अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि पुनर्निर्माण का काम कब शुरू होगा और तब तक इन परिवारों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और उन्हें सुरक्षित आवास प्रदान करने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। हाउसिंग बोर्ड की इस उदासीनता ने शहर के बीचों-बीच सैकड़ों परिवारों के जीवन को दांव पर लगा दिया है।
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Server Time : July 22, 2026 11:07 am