जालंधर: लम्मा पिंड के रहने वाले ट्रक पार्किंग ठेकेदार रमेश कुमार पुत्र जनक दास द्वारा उससे हर महीने डरा-धमका कर आम आदमी पार्टी के जालंधर सैंट्रल हलके से विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ थाना रामा मंडी में 23 अगस्त को दी गई शिकायत के बाद पुलिस द्वारा जांच के बाद रमन अरोड़ा के खिलाफ बी.एन.एस. अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज की गई एफ.आई.आर. नंबर- 253 में उन्हें थाना रामा मंडी की पुलिस 4 सितम्बर को प्रोडक्शन वारंट पर नाभा जेल से जालंधर ले आई थी जबकि 3 सितम्बर को रमन अरोड़ा को विजीलैंस द्वारा भ्रष्टाचार के कई मामलों को लेकर उसके खिलाफ दर्ज की गए मामले में माननीय हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी और 4 तारीख को वह अपने घर आने की तैयारी कर रहे थे कि पुलिस ने इससे पहले ही नए मामले में उनकी गिरफ्तारी डाल दी।
नया मामला जब दर्ज हुआ तो हर कोई यही कह रहा था कि रमन अरोड़ा को अब फिर लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है क्योंकि नए मामले में उन्हें 3 बार माननीय अदालत में पेश कर 9 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया और थाना जालंधर कैंट की हिरासत में रखकर उनसे पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस ने यह भी खुलासा किया था कि रमन अरोड़ा रामा मंडी के राजिंदर कुमार नामक पार्किंग ठेकेदार से भी हर महीने 20 से 25 हजार रुपए लेते थे। इस मामले को लेकर थाना रामा मंडी की पुलिस ने रमन अरोड़ा का पुुलिस रिमांड और बढ़ा लिया था। 2 सितंबर को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद रमन अरोड़ा को माननीय अदालत में पेश किया गया लेकिन पुलिस द्वारा और रिमांड न मांगने तथा रमन अरोड़ा के पक्ष में उनके वकीलों द्वारा दी गई दलीलों के आधार पर माननीय अदालत ने रमन अरोड़ा को ज्यूडीशियल रिमांड पर जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए थे।
जेल में जाने के बाद विधायक रमन अरोड़ा के वकीलों द्वारा उनकी जमानत के लिए पटीशन दायर की गई थी। कहा जा रहा था कि अगर सैशन कोर्ट से उन्हें जमानत न मिली तो उनके वकील जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचेंगे लेकिन आज उन्हें सैशन कोर्ट से ही जमानत मिल गई है। रमन अरोड़ा को 9 दिन के पुलिस रिमांड के बाद सिर्फ 8 रातें ही जेल में गुजारनी पड़ी हैं जबकि इससे पहले विजीलैंस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले में वह करीब साढे 3 महीने जेल में रहे थे। उनकी जमानत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कहा जा रहा है कि अब उन्हें किसी और नए मामले में न दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाए या फिर उनकी जमानत को लेकर उनके विधायक पद से इस्तीफा दिए जाने की भी बातें सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस का कहना के रमन अरोड़ा के इस्तीफे से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह काम पार्टी और सरकार का होता है। पुलिस ने तो सिर्फ कानून के मुताबिक बनती कार्रवाई की है। हालांकि हर कोई यही कह रहा था कि रमन अरोड़ा को अब लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है। आगे क्या होता हैै, यह तो आने वाले दिन ही बताएंगे?


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Server Time : July 22, 2026 11:00 am