बठिंडा : बरसात के मौसम में मच्छरों की भरमार के कारण डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है, वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग भी डेंगू से निपटने के लिए तैयारियां कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के संदेह में कुल 496 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 15 लोग पॉजिटिव पाए गए और उनका इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा, लगभग 200 चिकनगुनिया के टेस्ट किए गए, जिनमें से 2 लोग पॉजिटिव पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए सिविल अस्पताल में 47 बिस्तरों वाला डेंगू वार्ड बनाया है, जिसमें सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेंगू के लार्वा की तलाश में लगातार सर्वे कर रही हैं और अगर डेंगू के लार्वा मिलते हैं, तो उन्हें नष्ट कर दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पाए गए डेंगू के लार्वा के 237 मामले चालान के लिए निगम को भेजे गए, जिनमें से निगम ने 195 मामलों का चालान किया है।
सिविल सर्जन डॉ. तपिंदरजोत ने बताया कि सिविल अस्पताल बठिंडा और सिविल अस्पताल रामपुरा में डेंगू के टेस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए हर शुक्रवार को ड्राई डे मनाया जाना चाहिए और उस दिन कूलर, गमले, पुराने टायर आदि से पानी निकाला जाना चाहिए ताकि डेंगू मच्छरों के प्रजनन की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि डेंगू से निपटने के लिए विभाग की ओर से सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।


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