मंदिर की व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों के लिए 3 सदस्य चुनेंगे मुख्य कार्यपालन अधिकारी
अयोध्या (उप्र )। देशभर की आस्था का केंद्र अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में संडे को लेकर पिछले 1 महीने से बवाल मचा हुआ है। मंदिर के ट्रस्टों से लेकर कर्मचारी तक सब शंका के घेरे में है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए ट्रस्ट में सीईओ नियुक्त किया जाएगा। इस नियुक्ति के लिए तीन सदस्यों की समिति बनाई गई है।

मंदिर का चढ़ावा चोरी का प्रकरण सामने आने के बाद यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि मंदिर प्रबंधन एवं संचालन की पद्धति और प्रणाली में कई स्थानों पर कमजोरियां रहीं। सोमवार को हुई राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में इसे दूर करने और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके लिए मंदिर ट्रस्ट में सक्षम अधिकारी नियुक्त करने की सहमति के बाद समिति का गठन भी किया। समिति द्वारा राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( CEO ) नियुक किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी का चयन करने के लिए तीनों अनुभवी सदस्यों की समिति बनाई है। जिस तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, उसमें सुरेश हावड़े भी है। हावड़े को शिरडी के साईं मंदिर जैसे समृद्ध मंदिर का 10 वर्षों का व्यवस्थाओं के संचालन का भी अनुभव है। इनके अलावा समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली और लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) विष्णुकांत चतुर्वेदी को सम्मिलित किया गया है।
आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक किया
6 जुलाई को बैठक में ट्रस्ट ने मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और भेंट का विस्तृत वित्तीय ब्योरा भी सार्वजनिक किया। ट्रस्ट के अनुसार, अब तक निधि समर्पण अभियान और अन्य स्रोतों से कुल 3264 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2370 करोड़ रुपए मंदिर निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं।

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