इंदौर | इंदौर में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब धार्मिक संत भी उनके निशाने पर हैं। शहर में आर्यिका जयश्री माताजी संघ की एक वरिष्ठ साध्वी के बैंक खाते से ठगों ने 24 लाख रुपये उड़ा दिए। हैरानी की बात यह है कि ठगी के लिए किसी ओटीपी (OTP) का इस्तेमाल नहीं किया गया। यह राशि समाजजनों द्वारा साध्वी के आहार-विहार के लिए दान स्वरूप दी गई थी।
बिना OTP के 6 बार में साफ किया खाता: राज्य साइबर सेल के एसपी सव्यसाची सराफ ने बताया कि यह घटना उदय नगर (बंगाली चौराहा) स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में प्रवास कर रहीं साध्वी के साथ हुई। 21 से 23 दिसंबर के बीच ठगों ने कुल 6 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए। पैसे ट्रांसफर होते ही तुरंत एटीएम के जरिए कैश निकाल लिया गया। बैंक से ट्रांजेक्शन के मैसेज आने पर सेविका बाल ब्रह्मचारिणी काजल दीदी को इसका पता चला। साध्वी दीक्षा के कारण फोन का उपयोग नहीं करतीं, यह जिम्मेदारी उनकी सेविका के पास थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और एटीएम निकासी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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लोन का झांसा देकर बेचे खाते, एक गिरफ्तार: वहीं, साइबर अपराध से जुड़े एक अन्य मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच ने विष्णु परमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर खाते खोलता था और उसे साइबर ठगों को बेच देता था। आरोपी ने अहमदनगर निवासी शादाब खान को लोन दिलाने का लालच देकर दस्तावेज लिए और कालानी नगर स्थित बैंक में खाते खुलवाए। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी में हुआ। जब गुजरात के बलसाड़ थाने में दर्ज एक केस के सिलसिले में शादाब को नोटिस मिला, तब इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।


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