एक महीने से मेडिकल लीव पर है, पति का भी ऑपरेशन हुआ, निर्वाचन कार्यालय से तीसरा नोटिस,सस्पेंड करने की धमकी
इंदौर। देवास से आकर इंदौर काम करने वाली एक प्राइमरी शिक्षक को निर्वाचन कार्यालय द्वारा तीन बार नोटिस थमा दिया। पहली बार कारण बताओं नोटिस दिया, फिर एक महीने का वेतन काट दिया अब सस्पेंड करने के लिए नोटिस थमा दिया है जबकि महिला शिक्षक खुद बीमारी के चलते एक महीने से मेडिकल लीव पर है और सोमवार 19 जनवरी को उनके पति का भी ऑपरेशन हुआ है।
सरकारी कार्यालय में अधिकांश काम आम जन से जुड़ा हुआ है और इसके लिए संवेदनशील होना अत्यधिक जरूरी योग्यता है, लेकिन इन दिनों शासकीय सेवकों के हाथ में अधिकार आते ही सबसे पहले निर्दयता करते है, वो भी अपने ही साथी कर्मचारियों के साथ। ऐसा ही एक मामला इंदौर के हाथीपाला शासकीय स्कूल में प्राइमरी शिक्षक फेमीदा खान का है। शिक्षिका की SIR के लिए विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2 में BLO की ड्यूटी लगाई गई है। निर्वाचन कार्यालय से ड्यूटी के बाद महिला शिक्षिका ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए और स्कूल से भी एक महीने की छुट्टी के मेडिकल प्रमाण संबंधित बाबू को कार्यालय में उपलब्ध करवाने के बावजूद बार बार उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। शिक्षिका को विगत तीन सप्ताह में तीन नोटिस मिल गए हैं पहल नोटिस कारण बताने के लिए भेजा गया था जबकि दूसरे नोटिस के साथ दिसंबर का वेतन काट दिया और अब हाल ही में तीसरा नोटिस जारी किया है जिसमें सस्पेंड करने के लिए लिखा गया है। जबकि शिक्षिका के पति का आज 19 जनवरी को ही ऑपरेशन हुआ है और फिलहाल वह अस्पताल में है। बावजूद इसके शिक्षिका को नोटिस पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
हर काम एसडीएम जाने
निर्वाचन कार्यालय में ड्यूटी लगाने वाले बाबू मंडोरिया ने शिक्षिका ने अपनी समस्या बताई साथ ही मेडिकल पेपर भी बताए फिर भी बाबू ने सीधे एसडीएम ओमनारायण बड़कुल के पास भेज दिया, जबकि बाबू को परिस्थितियों की जानकारी है।
दबाव और तनाव से बढ़ रही दुर्घटना और आत्महत्या
SIR कार्य में लगाए गए बीएलओ पर काम के साथ समय से पहुंचने के दबाव में जल्दबाजी में दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा कई बार वरिष्ठ अधिकारियो का व्यवहार भी अच्छा नहीं होता।


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