इंदौर। सर्वोच्च न्यायाल के निर्णय के बाद इंदौर शहर की ऐतिहासिक धरोहर प्राचीन उच्च शिक्षा का केंद्र “इंदौर क्रिश्चियन महाविद्यालय” का संचालन एवं नियंत्रण मध्यप्रदेश शासन के माध्यम से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा किए जाने मांग को लेकर प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम कुलपति को ज्ञापन दिया।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फैसला आने के बाद इंदौर शहर की धरोहर एवं उच्च शिक्षा का ऐतिहासिक केंद्र इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ-साथ राजनीतिक, फिल्म जगत, प्रशासनिक, पत्रकारिता, खेल एवं न्यायालय के क्षेत्र में अनेक प्रतिभाओं का जन्म दिया है इंदौर शहर के मध्य में स्थित है यहां पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अनेक सेल्फ फाइनेंस कोर्स विश्वविद्यालय द्वारा खोले जा सकते हैं प्रशासनिक भवन का विस्तार भी किया जा सकता है। क्रिश्चियन कॉलेज में पूर्व से बीए. बीकॉम एवं एलएलबी कोर्स पूर्व से संचालित होते आए हैं विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज परिसर में अनेक सुविधा प्राप्त हो सकती है भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय शंकर दयाल शर्मा इंदौर आगमन पर उनके द्वारा “साइंस” भी खोलने की घोषणा की गई थी जो आज तक पूरी नहीं हुई है। यह इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज परिसर में अनेक बड़ी-बड़ी बिल्डिंग होने के साथ-साथ बड़े-बड़े खेल के मैदान है। शहर के मध्य में स्थित होने के करण सुविधाजनक है तथा मध्यमवर्गीय सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति. जनजाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा का लाभ मिल सकता है तथा उनके हितों की रक्षा की जा सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन इंदौर शहर की जनसंख्या के आधार पर अब छोटा हो गया है विश्वविद्यालय परिसर को भी भवन की आवश्यकता है जिसमें अनेक विभाग वहां से संचालित किया जा सकते हैं जिस प्रकार उदाहरण स्वरूप “सुखनी देवी कॉलेज” का संचालन किया जा रहा है उसी प्रकार सम्माननीय कार्यपरिषद में प्रस्ताव पारित कर इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज का भी संचालन किया जाने मांग को लेकर कुलपति देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के समक्ष एक प्रतिनिधि मंडल ज्ञापन के माध्यम से हम आपसे अनुरोध करते हैं कि राज्यपाल महोदय, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, इंदौर संभाग आयुक्त और कलेक्टर को प्रस्ताव बनाकर प्रेषित करें यह निर्णय इंदौर शहर के छात्र-छात्राओं के हित में होगा। इंदौर क्रिश्चियन महाविद्यालय का संचालन शासन के विधि विधान से किया जा सके जिससे इंदौर के ऐतिहासिक प्राचीन धरोहर एवं उच्च शिक्षा के केंद्र पर क्रिश्चियन कॉलेज परिसर एवं जमीन पर अनेक उद्योगपति एवं मल्टी माफिया एवं भू माफिया, अवैध कॉलोनी नजरों की नजर है। इसका संचालन सिर्फ उच्च शिक्षा के लिए ही किया प्रस्तावित किया जाए कुलपति द्वारा आश्वासन दिया गया है कि इस संबंध में शासन प्रशासन की पत्र लिखा जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पूर्व कार्यपरिषद सदस्य तेज प्रकाश राणे, राकेश सिंह यादव, सन्नी राजपाल, प्रीतीश दास , मनीष मोदी, यशपाल गहलोत थे


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