दुर्ग: ट्वीन सिटी के नाम से मशहूर दुर्ग और भिलाई शहर सिर्फ कल कारखानों के लिए नहीं जाना जाता है. ये शहर खेल नगरी के रुप में भी अपनी पहचान बना चुका है. यहां के खिलाड़ी कई मौकों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन राष्ट्रीय और स्टेट लेवल पर दिखा चुका है. खिलाड़ियों की इसी प्रतिभा को निखारने के लिए आज से सांसद खेल महोत्सव का आगाज किया गया है. आयोजन में हजारों खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं.
कैसे हुई खेल महोत्सव की शुरुआत ?: दुर्ग के सेक्टर 2 इस खेल महोत्सव की शुरुआत हुई. 2 किलोमीटर की दूरी तक बच्चों ने मशाल दौड़ लगाई और उनके साथ सांसद विजय बघेल सहित अनेक कार्यकर्ता भी दौड़ में शामिल हुए. इस रैली का विशेष महत्व है क्योंकि यह 9 विधानसभा क्षेत्रों के 14 स्थानों से गुजरते हुए कुल 293 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर पुनः सेक्टर-2 खेल मैदान में समाप्त होगी.
यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर आयोजित की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य खेलों को आम जनता तक पहुंचाना और युवाओं एवं महिलाओं को खेलों के नए अवसर उपलब्ध कराना है. आयोजन में आधुनिक और पारंपरिक दोनों प्रकार के खेल शामिल किए गए हैं ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की प्रतिभाओं को समान अवसर मिल सके.आधुनिक खेलों में कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, योगासन, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल का आयोजन हो रहा है. वहीं पारंपरिक खेलों में महिलाओं के लिए सुरीली कुर्सी और फुगड़ी तथा पुरुषों के लिए गेड़ी दौड़ रखी गई है: विजय बघेल, सांसद, दुर्ग
चार चरणों में हो रही है प्रतियोगिता: इस खेल महोत्सव में चार चरणों में प्रतियोगिता हो रही है. पहला चरण 6 से 10 अक्टूबर तक ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर आयोजित होगा. दूसरा चरण 11 से 17 अक्टूबर तक क्लस्टर और नगरीय क्षेत्र स्तर पर होगा. तीसरा चरण 10 से 15 नवंबर तक विधानसभा स्तर पर होगा. अंत में सबसे बड़ा चरण 23 से 25 दिसंबर तक लोकसभा स्तर पर आयोजित होगा.
सांसद खेल महोत्सव: इतने बड़े खेल आयोजन को लेकर काफी दिनों से तैयारियां चल रही हैं. दुर्ग सांसद विजय बघेल ने आयोजन से पहले कहा कि इस तरह के खेल आयोजन से युवाओं का विकास होगा और खेल प्रतिभा निखरकर सामने आएगी. खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. आज से शुरु हुए इस आयोजन में लगभग 25 खेल संघों और संगठनों के सदस्य शामिल हो रहे हैं. सांसद ने कहा कि इस तरह का आयोजन दुर्ग जिले के लिए भी बड़ी बात है.
खिलाड़ियों का लगा मेला: खेल महोत्सव के अंतर्गत कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, योगासन, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे आधुनिक खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेलों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं. महिलाओं के लिए सुरीली कुर्सी और फुगड़ी, पुरुषों के लिए गेड़ी दौड़, वहीं समूह खेलों में खो-खो और कबड्डी शामिल किए गए हैं.
प्रतियोगिता में 3 आयु वर्ग के खिलाड़ी हो रहे शामिल: प्रतियोगिताएं तीन आयु वर्गों में आयोजित की जा रही हैं. जिसमें प्रथम वर्ग में 9 से 15 वर्ष, दूसरे वर्ग में 15 से 30 वर्ष और तीसरे वर्ग में 30 वर्ष से अधिक के खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं. पंजीयन के बाद प्रतियोगिता चार चरणों में होगी. पहला चरण 6 से 10 अक्टूबर तक ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर पर, दूसरा 11 से 17 अक्टूबर तक क्लस्टर व नगरीय क्षेत्र स्तर पर, तीसरा 10 से 15 नवंबर तक विधानसभा क्षेत्र स्तर पर और अंतिम चरण 23 से 25 दिसंबर तक लोकसभा स्तर पर होगा.
पीएम की पहल पर आयोजन: सांसद विजय बघेल ने कहा कि खेल जीवन को संवारने का अवसर देता है. इससे न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और बौद्धिक विकास भी होता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से यह प्रतियोगिता खेल भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी. सांसद ने आशा व्यक्त की कि एक लाख से अधिक खिलाड़ी इसमें पंजीकरण कर इतिहास रचेंगे और भिलाई, खेल नगरी, कई नए रिकॉर्ड की गवाह बनेगी.


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