जालंधर: ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर, नजदीक बस स्टैंड में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। आज भी सैंटर पर सर्वर ठप्प रहने के कारण सैकड़ों आवेदक अपना ड्राइविंग टैस्ट नहीं दे पाए। दोपहर करीब 3.30 बजे कुछ समय के लिए केवल दोपहिया वाहनों का टैस्ट शुरू किया जा सका लेकिन चार पहिया वाहनों के आवेदकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
सुबह से ही बड़ी तादाद में लोग अपने-अपने दस्तावेज और वाहन लेकर टैस्ट सैंटर पर पहुंच गए थे लेकिन सर्वर डाऊन रहने के कारण रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी। लोगों को उम्मीद थी कि दोपहर तक समस्या हल हो जाएगी, परंतु कई घंटे इंतजार करने के बावजूद चारपहिया वाहनों का टैस्ट शुरू नहीं हो सका। कई लोगों ने शिकायत की कि उन्होंने पहले से फीस जमा करवा रखी है और हर बार नया स्लॉट बुक कराने में उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि उन्हें मजबूर होकर प्राइवेट एजैंटों की मदद लेनी पड़ रही है।
आवेदकों का दर्द ‘नौकरी, पढ़ाई दांव पर लगी है’
लाइसैंस बनवाने आए युवाओं रोहित, मलकीत, बब्बू ने बताया कि ड्राइविंग लाइसैंस न बनने के कारण उनकी पढ़ाई और नौकरी के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। एक युवक ने कहा कि वह ड्राइवर की नौकरी के लिए आवेदन कर चुका है लेकिन लाइसैंस न होने की वजह से ज्वाइनिंग अटक गई है। नकोदर से लाइसैंस बनवाने आए युवाओं दीपक, रिंकू और अमित ने कहा कि वे कॉलेज से छुट्टी करके 2-3 बार ट्रैक पर लाइसैंस बनवाने आ चुके हैं परंतु हरेक बार वापस लौटा दिया जाता है। महिलाओं ने भी शिकायत की कि उन्हें कई किलोमीटर दूर से टैस्ट के लिए आई हैं लेकिन अब फिर से मजबूरीवश आना पड़ेगा।वहीं, सेंटर पर मौजूद लोगों का कहना था कि यह समस्या अब आम हो चुकी है। आए दिन कभी सर्वर डाउन, कभी कैमरा खराब और कभी सिस्टम फेल जैसी दिक्कतें सामने आती रहती हैं। लेकिन ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से इन समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। एक आवेदक ने गुस्से में कहा कि जब हर बार मशीनें ही खराब रहनी हैं तो फिर इस ऑटोमेटेड सिस्टम का क्या फायदा?


Users Today : 84
Total Users : 18406
Views Today : 119
Total views : 33709
Who's Online : 0
Server Time : October 21, 2026 8:07 pm