भोपाल: राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) को लेकर बना असमंजस आखिर खत्म हो गया है। तीन साल पहले बंद किए गए सीपीए को अब नए स्वरूप में दोबारा शुरू करने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, इसे भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया के विकास की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री लेंगे।
दरअसल, सीपीए को अगस्त 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अचानक बंद कर दिया था। उस समय भोपाल की सड़कों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर हुई समीक्षा बैठक में शिवराज ने कई एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई थी। बैठक में उन्होंने साफ कहा था कि इतनी सारी एजेंसियों की कोई जरूरत नहीं है और तुरंत सीपीए को बंद करने का आदेश दिया था। इसके बाद 3 मार्च 2022 को कैबिनेट ने इसे बंद करने पर मुहर लगाई और 31 मार्च 2022 को सीपीए आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया।
पिछले साल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवराज सरकार का यह फैसला पलटते हुए सीपीए को फिर से शुरू करने के निर्देश दिए थे। तब से इसकी फाइल नगरीय प्रशासन विभाग और सीएम कार्यालय के बीच अटकी हुई थी। 2 सितंबर को नगरीय प्रशासन विभाग ने एक बार फिर सुझाव भेजकर कहा है कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया को ध्यान में रखते हुए सीपीए को नई भूमिका में शुरू किया जा सकता है। नई संरचना में सीपीए केवल भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभाल सकता है, जिससे शहर की सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधन में स्पष्टता आ सके।


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