दिल्ली हाईकोर्ट ने एक शादी को रद्द कर दिया. दरअसल, यहां एक पति ने पत्नी और उसके परिवार पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे. पति का कहना था कि उसकी पत्नी का न तो गर्भाशय है और न ही बायां गुर्दा. कोर्ट ने पति के हक में फैसला सुनाते हुए कहा- ये शादी रद्द की जाती है. कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 12(1)(सी) के तहत इसे धोखाधड़ी माना.
कोर्ट ने कहा इस प्रकार की धोखाधड़ी वैवाहिक जीवन की मूल अपेक्षाओं को प्रभावित करती है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि 24 वर्षीय शिक्षित महिला को अपनी मासिक धर्म की अनुपस्थिति के बारे में पता होना चाहिए था जो गर्भाशय के अभाव का संकेत देता है.


Users Today : 17
Total Users : 15599
Views Today : 34
Total views : 27739
Who's Online : 1
Server Time : July 22, 2026 12:26 pm