खुड़ैल बुजुर्ग में प्रस्फुटन समिति शक्ति संचय प्रशिक्षण संपन्न
समितियों को दस्तावेज संधारण और विकास योजनाओं की जानकारी दी
इंदौर। गांव का विकास तभी संभव है, जब ग्रामीण स्वयं आगे आकर विकास कार्यों में भागीदारी निभाएं। पंचायत और ग्रामीण मिलकर काम करें तो गांव की समस्याओं का समाधान करने के साथ विकास कार्यों को नई दिशा दी जा सकती है। यह बात सरपंच प्रतिनिधि अनिल सेठ ने ग्राम पंचायत खुड़ैल बुजुर्ग में आयोजित प्रस्फुटन समिति शक्ति संचय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही।

उन्होंने कहा कि गांव का विकास सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। ग्रामीणों की जरूरतों को समझकर विकास की प्राथमिकताएं तय करना और सभी को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने प्रस्फुटन समितियों से गांव की समस्याओं को सामने लाने और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मप्र जनअभियान परिषद के तहत चयनित नवांकुर संस्था वरेण्यम समाज कल्याण समिति (वीएसकेएस) के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण में मेंटर हरिओम दांगी ने ग्राम विकास की अवधारणा, प्रस्फुटन समितियों की भूमिका और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने समितियों को संगठित होकर ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाने और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। वीएसकेएस की सचिव सोनी धारवा ने समितियों के दस्तावेजीकरण, रजिस्टर संधारण और आवश्यक अभिलेखों के रखरखाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समितियों के कार्यों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के साथ नियमित गतिविधियां संचालित करना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में सरपंच पुष्पा बाई और सरपंच प्रतिनिधि अनिल सेठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। नवांकुर सखी वर्षा राजोरिया, नीतू चौहान सहित खुड़ैल सेक्टर की प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों में सुंदरलाल शर्मा, अशोक मंडलोई, महेश दास वैष्णव सहित सभी प्रस्फूटन समितियों के पदाधिकार और सदस्य सहित ग्रामणजन उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य समितियों को सक्षम बनाकर ग्राम विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी तय करना रहा।

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