मामला खजराना के कृष्णबाग कालोनी की जमीन का, पहले भी निरस्त हो चुकी थी याचिका
इंदौर ( जनहित मीडिया )। शहर में एक जमीन को लेकर कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए फैसला बिल्डर के पक्ष में दिया। साथ ही प्रशासन को निर्देशित किया है कि 30 दिवस के अंदर मौके पर बने 70 मकान को हटाकर जमीन का कब्जा श्रीराम बिल्डर को दिया जाए।
ग्राम खजराना के सर्वे नंबर 66/2 पर स्थित कृष्णबाग कालोनी के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े विवाद में हाईकोर्ट ने श्रीराम बिल्डर के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने जमीन पर कब्जे का दावा करने वाले पांच याचिकाकर्ताओं की याचिकाएं खारिज कर दीं। दरअसल जमीन पर कब्जे का दावा करने वाले पांच याचिकाकर्ता अपने पक्ष में वैध स्वामित्व दस्तावेज, रजिस्ट्री या कब्जे के पर्याप्त प्रमाण पेश नहीं कर सके। संदीप एन. भट्ट की अदालत ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक राहत का इस्तेमाल कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए नहीं किया जा सकता और याचिकाएं खारिज कर दी। उधर बिल्डर द्वारा जमीन संबंधी दस्तावेज और मालिकाना हक साबित करने पर प्रशासन को जमीन बिल्डर को देना होगी।
2 साल पहले कार्रवाई में तोड़े थे 8 निर्माण
ग्राम खजराना के सर्वे नंबर 66/2(क) की जमीन पर 78 मकान थे, 2024 में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आठ मकान तोड़ दिए थे। शेष 70 मकानों पर कार्रवाई बाकी है। तब कोर्ट में प्रकरण विचाराधीन होने से मामला लंबित था, जिस पर कोर्ट ने निर्णय देते हुए प्रशासन को निर्देशित किया है।
त्यौहार के समय रहवासियों पर संकट
न्यायालय ने जमीन खाली करने के लिए अधिकतम 30 दिन का समय दिया है जिसमें एक पखवाड़ा अर्थात आधा समय दीपावली में निकल जाएंगे। वही त्यौहार के समय कृष्णबाग कालोनी के परिवारों में दीवाली के समय उदासी और निराशा ने ले ली है। कोर्ट के अनुसार नवंबर में जगह खाली करना होगी।


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