प्रशासन ओर न्यायिक सहित दोनों प्रमुख पद रिक्त, सहायक आयुक्त आडिट का पद भी खाली
इंदौर (जनहित मीडिया)। सहकारिता विभाग में इंदौर में सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी उपयुक्त सहित कई पद खाली पड़े हैं। अधिकारियों के नहीं होने से काम प्रभावित हो रहा है जबकि इंदौर मध्य प्रदेश में सबसे अधिक सहकारी संस्थाओं वाला जिला है। इंदौर में 3000 से अधिक सहकारी संस्था पंजीकृत है।

मध्य प्रदेश में इंदौर जिले में सबसे अधिक सहकारी संस्थाएं पंजीकृत है और यहां सहकारिता विभाग में काम भी सबसे अधिक है बावजूद इसके इंदौर में उपायुक्त ( प्रशासन ) जैसा जैसा प्रमुख पद खाली है। पिछले दिनों मनोज जायसवाल की पदोन्नति होने के बाद से इंदौर में प्रशासनिक उपायुक्त के साथ उपायुक्त ( सहकारिता न्यायालय ) का पद भी खाली है। जिससे संस्थाओं के विवादों का निपटारा अथवा प्रकरणों के पंजीबद्ध होने में अतिरिक्त समय लग रहा है। इतना ही नहीं उक्त दोनों महत्वपूर्ण पदों के अलावा सहायक आयुक्त आडिट का पद भी खाली है। लंबे समय से सहायक आयुक्त ऑडिट नहीं होने से संस्थाओं का ऑडिट समय पर नहीं होगा और इससे काम और लंबित होंगे। जबकि पूर्व में ही कई 15 हजार वर्ष से अधिक वर्षों का ऑडिट का कार्य बाकी है।
निर्वाचन प्राधिकारी भी नहीं है
सहकारिता विभाग में मुख्य निर्वाचन प्राधिकारी नहीं होने से पिछले कई महीनो से संस्थाओं के चुनाव नहीं हो पाए हैं। पिछले दिनों सरकार ने पूर्व इस संजय गुप्त को निर्वाचन प्राधिकारी नियुक्त किया था लेकिन कुछ समय बाद ही उनकी नवीन पद स्थापना रेरा ( भू संपदा विनियामक प्राधिकरण ) में हो गई। उसके बाद से यह पद फिर खाली हो गया। कुल मिलाकर पिछले 8-9 महीनो से अधिक समय से यह पद भी खाली है

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