वर्ष 2026 की पहली महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के रूप में आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। विज्ञान की दृष्टि से जहाँ यह सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के एक सीधी रेखा में आने की प्रक्रिया है, वहीं भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में इसका अत्यधिक धार्मिक महत्व माना जा रहा है। पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने के कारण आज चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देगा, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।
विभिन्न राशियों पर साल के पहले चंद्र ग्रहण (3 मार्च 2026) के प्रभाव और उनके लिए विशेष उपायों का विवरण नीचे दिया गया है। चूँकि यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है, इसलिए इसका सबसे अधिक प्रभाव सिंह राशि वाले जातकों पर देखने को मिलेगा।
राशिफल: चंद्र ग्रहण 2026 का प्रभाव और उपाय
| राशि | संभावित प्रभाव | विशेष उपाय |
| मेष | संतान पक्ष से चिंता रह सकती है। निवेश में जल्दबाजी न करें। | हनुमान चालीसा का पाठ करें। |
| वृषभ | सुख-सुविधाओं में कमी महसूस होगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। | सफेद वस्तुओं (दूध, चावल) का दान करें। |
| मिथुन | साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। | पक्षियों को सप्तधान्य (सात अनाज) खिलाएं। |
| कर्क | वाणी में कठोरता आ सकती है। धन हानि के योग हैं, संभलकर रहें। | ‘ॐ नमः शिवाय’ का यथाशक्ति जाप करें। |
| सिंह | (इसी राशि में ग्रहण है) मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति बन सकती है। सेहत का ख्याल रखें। | ग्रहण के बाद तांबे के पात्र का दान करें। |
| कन्या | अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। बाहरी संबंधों से लाभ होने की संभावना है। | जरूरतमंदों को हरी मूंग की दाल दान करें। |
| तुला | आर्थिक लाभ के नए अवसर मिलेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। | श्री सूक्त का पाठ करना शुभ रहेगा। |
| वृश्चिक | कार्यक्षेत्र में बदलाव या पदोन्नति के योग हैं। पिता से सहयोग मिलेगा। | ग्रहण के बाद मसूर की दाल का दान करें। |
| धनु | भाग्य में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। | चने की दाल या पीला वस्त्र दान करें। |
| मकर | स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आ सकता है। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। | शनि चालीसा का पाठ करें। |
| कुंभ | जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है। व्यापारिक समझौतों में सतर्कता बरतें। | तिल और तेल का दान करना उत्तम होगा। |
| मीन | शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। पुराने रोगों से मुक्ति मिल सकती है। | विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। |
ग्रहण के दौरान और बाद में क्या करें?
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सूतक काल में: चूंकि सूतक लगा हुआ है, इसलिए मूर्तियों का स्पर्श न करें और केवल मानसिक जाप करें।
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गर्भवती महिलाएं: ग्रहण के दौरान नुकीली वस्तुओं (कैंची, चाकू) का प्रयोग न करें और बाहर निकलने से बचें।
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शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्त होने के बाद (आज शाम 6:46 के बाद) पूरे घर में गंगाजल छिड़कें और स्नान के बाद ही भोजन ग्रहण करें।
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दान का महत्व: ग्रहण के बाद अपनी सामर्थ्य अनुसार अनाज, वस्त्र या गुड़ का दान करना कष्टों को दूर करने वाला माना जाता है।
चंद्र ग्रहण में किन मंत्रों का जाप करें?
महामृत्युंजय मंत्र: “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”
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Server Time : June 6, 2026 12:05 am