इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की चमक-दमक के पीछे एक कड़वी सच्चाई भूरी टेकरी (कनाडिया रोड) की इमारतों को बने हुए 10-12 वर्ष हुए हैं और यहां हरसिद्धि और बुद्ध नगर आदि बस्तियों से विस्थापित गरीब परिवारों को शिफ्ट किया गया है। 5-7 वर्षों में ही इमारत इतनी जर्जर हो गई है कि यहां रहना जान से खिलवाड़ करना है।
शहर क्या पूरे देश में रेत, गिट्टी, सीमेंट और सरिए की आरसीसी की छत वाला कोई भी मकान अथवा फ्लैट इतना कमजोर नहीं हो सकता कि 10 -12 वर्षों में प्लास्टर गिर जाए और दीवारें ऐसी लगे जैसे चूहो ने कुतर दी हो। लेकिन कनाडिया रोड पर भूरी टेकरी स्थित गरीब परिवारों के विस्थापन के लिए सरकारी पैसे से बनाई गई बहुमंजिला की हालत 5- 7 वर्ष में ही जर्जर हो गई थी। पिछले कई वर्षों से रहवासी इसकी लगातार शिकायत कर रहे हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हुई और अब ये इमारतें खंडहर जैसी लगने लगी है। इतना ही नहीं इन इमारतों के बीच गंदगी की भी भरमार है यहां का दृश्य देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का हिस्सा है।
स्कूल के आसपास भी ‘गंदगी का साम्राज्य’
भूरी टेकरी की गरीब परिवारों के लिए बनाई गई इमारतो के बीच गंदगी का साम्राज्य पसरा है और इसी गंदगी के पास है बच्चों के स्कूल भी है। स्कूल के आसपास भी इतनी गंदगी है कि सड़ांध की गंध आती है।
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निगम पर दिया था धरना : यहां के रहवासियों ने कई बार नगर निगम और जिला प्रशासन को शिकायत की है। यहां तक कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने नगर निगम पर धरना दे दिया, बावजूद इसके यहां की व्यवस्था नहीं सुधरी और 200 से अधिक परिवारो का जीवन मुहाल है।


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Server Time : July 22, 2026 7:05 am