इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी (Contaminated Water) से फैलने वाली बीमारी और मौत का तांडव एक महीने बाद भी थम नहीं रहा है। रविवार को बस्ती में 32वीं मौत दर्ज की गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हालांकि, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अभी भी भारी अंतर देखने को मिल रहा है।
65 वर्षीय अनिता कुशवाह ने तोड़ा दम: ताज़ा मामला 65 वर्षीय अनिता कुशवाह का है। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भर्ती कराया था। शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण माना गया, लेकिन धीरे-धीरे संक्रमण फैलने से उनकी दोनों किडनियां खराब हो गईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा और रविवार को उनकी मृत्यु हो गई।

आंकड़ों में उलझा प्रशासन: हकीकत 32, रिकॉर्ड में 16
भागीरथपुरा त्रासदी में सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में बड़ा फासला है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, बस्ती में अब तक 32 लोग जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक सिर्फ 16 मौतें ही अपने रिकॉर्ड में दर्ज की हैं। विभाग केवल उन्हीं मौतों को गिन रहा है जो सीधे तौर पर डायरिया से हुई हैं। अन्य मौतों का अभी तक ‘डेथ ऑडिट’ (Death Audit) नहीं किया गया है।
एक महीना बीतने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं: नगर निगम अब तक बस्ती के केवल 30% हिस्से में ही नई नर्मदा लाइन बिछा पाया है। शेष 70% बस्ती टैंकरों के भरोसे है, लेकिन दूषित पानी के खौफ से लोग टैंकर का पानी पीने से भी डर रहे हैं। सक्षम लोग पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीद रहे हैं। राहत की बात यह है कि नए मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन अभी भी 2 मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।


Users Today : 53
Total Users : 18375
Views Today : 78
Total views : 33668
Who's Online : 0
Server Time : October 21, 2026 12:26 pm