भूमाफियाओं के हौसलो के आगे नतमस्तक प्रशासन… तहसीलदार, एसडीएम को जानकारी नहीं, पटवारी भी बेफिक्र सौदेबाजो के साथ प्रतिनिधि
इंदौर। भूमाफियाओं ने छोटा बांगड़दा में सरकारी जमीन par कब्जा कर बेच डाली। शिकायतों के बाद प्रशासन ने रोक लगाई और वहां बोर्ड लगा दिए कि या भूमि शासकीय है इस पर निर्माण करना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके भूमाफियाओं ने हार नहीं मानी और जिला प्रशासन को ठेका दिखाते हुए धड़ल्ले से प्लांट बेचे जा रहे हैं। यहां अब भी निर्माण हो रहे हैं।
मामला मल्हारगंज तहसील अंतर्गत छोटा बांगरदा की शासकीय जमीन सर्वे क्रमांक 332 का है। यह सरकारी जमीन है जिस पर पूरी बस्ती बस चुकी है। शिकायत के बाद करीब 2 वर्ष पहले तहसीलदार एवं एसडीएम द्वारा बोर्ड लगाया गया कि यह भूमि शासकीय है और इसकी खरीदी – बिक्री एवं निर्माण प्रतिबंधित है। यहां भूखंड क्रय विक्रय करने पर जेल भी हो सकती है। बावजूद इसके कुछ लोगों द्वारा यहां धड़ल्ले से प्लाट बेचे गए और अब भी निर्माण कार्य जारी है।
4- 5 निर्माण लगातार
छोटा बांगड़दा की इस शासकीय भूमि पर क्रय-विक्रय एवं निर्माण पर प्रतिबंध के बावजूद चार-पांच निर्माण हमेशा चलते रहते हैं। वर्तमान में भी यहां निर्माण जारी है। इसके अलावा सौदेबाजी भी हो रही है।

जिम्मेदारों की भूमिका
सरकारी जमीन कब्जा और बेचने के मामले में जिम्मेदारों की भूमिका बहुत संदिग्ध है। दरअसल पटवारी और क्षेत्रीय पार्षद को तथा नगर निगम के भवन अधिकारी को जानकारी होने के बाद भी यहां निर्माण हो रहा है। वही तहसीलदार और एसडीएम का कहना है कि इन्हें अब जानकारी मिली है और मामले की जांच करवायेंगे। जबकि मौके पर मल्हारगंज तहसीलदार और एसडीएम के आदेश वाले बोर्ड लगे हैं।
ठगे गए गरीब परिवार
सरकारी जमीन बेचने के मामले में कुछ लोगों पर कार्रवाई हुई और जफर खान जैसे भूमिया को जेल भी हुई लेकिन शासकीय जमीन बेचने की कारस्तानी नहीं रुकी। बताया जाता है कि दो-तीन दलाल अभी भी यहां सक्रिय है वह दूसरों को प्लाट मालिक बढ़कर सरकारी जमीन पर प्लॉट की नोटिस कर रहे हैं। अब इससे लगी आसपास की जमीन भी बेची जा रही है।


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