बाणगंगा थाना में दिया आवेदन, सभी पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करें
इंदौर (जनहित मीडिया)। भागीरथपुरा में गंदगी मिले पानी से आठ लोगों की मौत हो जाने के मामले में कांग्रेस बाणगंगा थाना पहुंच गई। कांग्रेस ने महापौर और आयुक्त सहित सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेसियों ने कहा कि ये घटना नहीं जनता के साथ धोखा और अपराध का मामला है। इस दौरान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

भागीरथपुरा में ड्रेनेज मिला हुआ पानी सप्लाई करने के कारण 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं। इस स्थिति में आज इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस के नेता अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाने के लिए बाणगंगा थाना पहुंचे। इस मौके पर पुलिस थाने पर मौजूद डीसीपी रामस्नेही मिश्रा को दिए गए शिकायत पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में इंदौर नगर निगम के अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा लापरवाही पूर्वक कार्य करते हुए लोगों को इस हालत में पहुंचाया है। इस पानी का सेवन करने के कारण करीब 150 लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत हो गई। इन सभी लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। उपचार के दौरान 8 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। इस घटना में 70 वर्षीय नंदलाल पाल, 59 वर्षीय उर्मिला यादव, 70 वर्षीय ताराबाई, 50 वर्षीय गोमती रावत, 50 वर्षीय सीमा प्रजापत, 60 वर्षीय मंजुला वाडे और 32 वर्षीय उमा कोरी की मौत हो गई। यह सारी मौत इंदौर नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा लापरवाही पूर्वक आचरण किए जाने के कारण हुई है। कांग्रेस ने अपनी शिकायत में मांग की है कि ऐसे में आवश्यक है कि इस घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, निगम की जल समिति के प्रभारी बबलू शर्मा, निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पेयजल व्यवस्था के प्रभारी इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव और क्षेत्र के पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 ए, 326, 284 के साथ जल प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 1974 की धारा 32 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएं। शहर कांग्रेस के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 के प्रभारी दीपू यादव, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े , सत्यनारायण पटेल , राजेश चौकसे, राजा चौकसे , पार्षद राजू भदौरिया, सादिक ख़ान , सुदामा चौधरी , अमित पटेल , अनवर दस्तक , रफीक ख़ान, अमन बजाज, शैलेश गर्ग, राजेश शर्मा, ठाकुर जितेंद्र सिंह, साधना भंडारी, दानिश ख़ान, उपस्थित थे !
कई बार दूषित पानी की शिकायत की
प्रदर्शन किया फिर भी नहीं जागे नगर निगम के अफसर
इंदौर ( जनहित मीडिया )। भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली बीमारी और मौत हादसा नहीं बल्कि जिम्मेदारों की लापरवाही और अनसुनी करने के कारण हुई हैं और सबसे अधिक दोषी जल यंत्रालय के इंजीनियर ड्रेनेज इंजीनियर और क्षेत्र का पार्षद हैं। कई रहवासियों ने पार्षद पर कमीशन खोरी के धंधे करने का आरोप लगाया और हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की है। दरअसल पार्षद कमल बाघेला भागीरथपुरा के रहने वाले हैं और पूरा मामला पार्षद की जानकारी में होने के बाद भी प्रयास नहीं किया। ये एकमात्र व्यक्ति (पार्षद) जनता के प्रति वफादार हो जाता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।

नगर निगम के वार्ड क्रमांक 11 अंतर्गत भागीरथपुरा में दूषित (सीवरेज युक्त) पानी के कारण बीमारो और मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यह सब एक हादसा नहीं बल्कि पार्षद के निकम्मेपन और इंजीनियरों के मनमानी से हुआ है। पार्षद ने अपनी जिम्मेदारी जनता के प्रति निभाई होती तो आज ये हादसा नहीं होता और मुंह नहीं छिपाना पड़ता। वही सीवरेज लीकेज होने पर वार्ड में काम करने वाले ड्रेनेज इंजीनियर जेपी सिंह ने अपना काम ईमानदारी से किया होता तो यह कांड होने से बच सकता था। गंदे मल युक्त पानी आने पर जल यंत्रालय के इंजीनियर शुभम श्रीवास्तव ने कार्रवाई की होती तो भी यह कांड होने से बच जाता। इतना ही नहीं इन निकम्मे शासकीय सेवकों ने जनता की शिकायत के बाद भी कार्रवाई की होती तो भी यह कांड होने से बच्चा था। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि लोग लगातार शिकायत कर रहे थे तब ये तीनों कहां थे। एक वार्ड में कई जिम्मेदार है लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की और लोगों की जान पर बन आई। वैसे तो महापौर और निगमायुक्त से लेकर पूरी व्यवस्था इसकी दोषी है लेकिन सबसे ज्यादा वेज जिम्मेदार हैं जो वार्ड में काम कर रहे हैं।


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