अवैध कॉलोनियो से शहर नियोजन का सत्यानाश और राजस्व का नुकसान भी, जिम्मेदारों ने नोटिस देकर की इतिश्री
इंदौर। नगर निगम के झोन क्रमांक 5 अंतर्गत गौरी नगर के पीछे कान नदी के किनारे पर एक अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है यहां प्लाटों की खरीदी बिक्री के साथ धड़ल्ले से निर्माण भी हो रहे हैं लेकिन नगर निगम के जिम्मेदारों ने सिर्फ नोटिस देकर इति श्री कर ली। कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण प्लाट के सौदे और अवैध निर्माण लगातार जारी है।
शहर में सुनियोजित विकास और अवैध कॉलोनी की बसाहट रोकने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है लेकिन न केवल निजी जमीन पर बल्कि शासकीय जमीनों पर भी प्लांट बेचकर बस्तियां बसा दी जाती है, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं होती। सरकारी व्यवस्था नोटिस में उलझी रहती है और माफिया अपना काम कर जाते हैं। ऐसा ही एक मामला गौरी नगर के पीछे की तरफ खातीपुरा का है। यहां सर्वे क्रमांक 507 की जमीन पर पिछले 6 माह से अवैध कॉलोनी रूप ले रही है। लेकिन निगम के जिम्मेदारों ने कार्रवाई नहीं की। बताया जाता है कि यह कॉलोनी कोई तिवारी काट रहा है, लेकिन जमीन स्थानीय पटेल परिवार की है और नगर निगम ने पटेल को 2 बार नोटिस भी दिए, लेकिन काम नहीं रुका।
हो गए 50 से अधिक निर्माण
सर्वे क्रमांक 507 पर बसाई जा रही इस नई अवैध कॉलोनी में 50 से अधिक निर्माण चल रहे हैं। इतना ही नहीं यहां कुछ रोहाउस भी बनाए जा रहे हैं। इनके लिए एनबीएफसी ( नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉरपोरेशन ) से लोन की सुविधा भी है। नगर निगम के भवन अधिकारी और भवन निरीक्षक की जानकारी में होने के बावजूद यहां धड़ल्ले से निर्माण जारी है। नगर निगम ने अक्टूबर से पहले 2 नोटिस जारी किए हैं, बावजूद इसके अवैध बसाहट जारी है।
सरकार को करोड़ों का नुकसान
अवैध कॉलोनी बसाहट के चलते सरकार को डायवर्सन शुल्क, टीएनसीपी को नक्शा के लिए मिलने वाले शुल्क और कालोनी विकास शुल्क सहित अन्य कई तरह की आय का नुकसान होता है। जब नियोजित तरीके से कॉलोनी विकास की अनुमति दी जाती है तब राजस्व विभाग को डायवर्सन शुल्क, नगर निगम सीमा में होने से निगम को विकास अनुमति के लिए मिलने वाले शुल्क के साथ लोक निर्माण विभाग, पीएचई और विद्युत विभाग को भी सुपरविजन चार्ज के रूप में आय होती है। इसके अलावा शहर नियोजन की तकनिकी समस्या भी होती है।
इनका कहना है
मामला मेरी जानकारी में है और हमने उसकी जांच करवाई है। किसी पटेल की जमीन है। उसे 2 बार नोटिस जारी कर चुके हैं। – आशीष राठौर, भवन अधिकारी झोन क्रमांक 5 नगर निगम इंदौर।


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Server Time : September 5, 2026 1:01 pm