विभागीय जांच में गांधी नगर संस्था द्वारा सरकारी जमीन बेचना पाया लेकिन कार्रवाई नहीं की
इंदौर। लगभग 75 वर्ष पुरानी गांधी नगर गृह निर्माण संस्था इस समय पूरी तरह भूमाफियाओ के चुंगल में है। संस्था के प्रबंधक और अन्य द्वारा आसपास की शासकीय जमीन पर भी प्लाट बेचने के बावजूद उसे पर कार्रवाई नहीं हुई। जबकि विभागीय जांच में भी स्पष्ट हो गया कि संस्था के अलावा बाहर की सरकारी जमीन भी बेची गई है।

घोटाले में नंबर वन रही इंदौर सबसे बड़ी संस्था गांधीनगर द्वारा मेट्रो की जमीन में से 20 प्लॉट अवैधानिक रूप से काटकर अवेध राशि अर्जित की गई थी। इसकी संयुक्त आयुक्त सहकारिता विभाग द्वारा जांच कराई गई थी, जांच अधिकारी ए.पी.एस. बिलोदिया द्वारा जांच में सही पाया गया लेकिन कई महिने निकल गए हैं बावजूद आज दिनांक तक संस्था के कर्ताधर्ताओं पर अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। लगातार गांधीनगर की अनियमिताएं मिलने के बाद भी विभाग द्वारा अपराधीक प्रकरण दर्ज नहीं करवाना बताता है कि संस्था के प्रबंधक फूलचंद पांडे की बहुत सेटिंग अच्छी है। वैसे भी पांडे खुलेआम सभी को कहते हैं की पूरा विभाग उनकी जेब में है। ज्ञात हो कि संस्था में कई तरह की अनियमित है और पिछले कई वर्षों से इसकी लगातार शिकायतें की जा रही है बावजूद इसके पांडे और अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती।
20 प्लॉट बेचे, राशि में भी की गड़बड़ी
एयरपोर्ट वाली में रोड पर मेट्रो डिपो के पास 20 प्लाट काट कर बेच दिए। यहां सरकारी जमीन पर प्लाट बेचने की खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशन होने के बाद कोर्ट ने स्टे दिया है लेकिन यहां एक दूसरा घपला भी है l दरअसल प्लॉट तो गांधीनगर गृह निर्माण संस्था द्वारा बेचे गए हैं, लेकिन प्लाट का पूरा पैसा संस्था के खाते में जमा नहीं हुआ। गाइडलाइन का पैसा संस्था में जमा करने के बाद ऊपर का अतिरिक्त पूरा पैसा संस्था में पसरे माफिया हजम कर रहे हैं।


Users Today : 8
Total Users : 13438
Views Today : 8
Total views : 23743
Who's Online : 0
Server Time : June 6, 2026 7:24 am