भाजपा की नेतागिरी और प्रशासन के पद का रसुख इतना दिमाग पर चढ़ गया है कि अब रास्ते पर भी उन्हें हर व्यक्ति चाकरी और जीहजूरी करने वाला मिलना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह अपने पदों के दूरूप्रयोग और नेता के समर्थकों से पिटाई तक करवाने में पीछे नहीं हटेगी। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने शहर में जल रहे गुंड़ाराज की पोल खोल दी है। मानों अब रास्ते पर चलने से पहले भी भाजपा के नेता और अफसरशाही से अनुमति लेकर चलना पड़ेगा ऐसे ही मामले के अनुसार
गाड़ी निकालने की बात पर विवाद

बागली की नायाब तहसीलदार हर्षा वर्मा, जोकि वर्तमान में इंदौर में एमआर 9 क्षेत्र में रहती है। एमआर 9 पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इसदौरान नायाब तहसीलदार हर्षा वर्मा 11 बजे अपने निवास से कार्यालय देवास के बागली में पहुंचने के लिए घर से निकली। याने वह रोज कार्यालय कितनी बजे पहुंचती होगी यह तो सामने आ ही जाता है। अब इतना ही नहीं जब वह सड़क से निकलने लगी तो बाधक निर्माण हटने के चलते आसपास की सड़कों पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो रही थी। लेकिन नायाब तहसीलदार महोदया को इतना सब्र कहां कि वह थोड़ा इंतजार करें और सामने यदि कोई गाड़ी खड़ी है तो उससे अपने सभ्य व्यवहार के चलते गाड़ी हटवाएं। वह तो ठहरी नायाब तहसीलदार आखिर चाकर उनका इशारा करते ही काम करते है तो नायाब तहसीलदार को सड़क से युवक द्वारा गाड़ी ना हटाना नागवार गुजरा। इससे तिलमिलाई नायाब तहसीलदार हर्षा वर्मा ने तुरंत अपने पति जो कि भाजपा के नेता बलजीत चौहान है तो तुरंत कॉल करके बुलाया फिर क्या था जैसे दोनो ही शहर के शंहशाह बन चुके थे दोनो ने इतनी से बात पर युवक की पिटाई कर दी
एमआईजी थाने में एफआईआर दर्ज
पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत करते हुए जब एमआईजी थाने में एफआईआर दर्ज कराई तो नायाब तहसीलदार को वह भी नागवार गुजरा। उन्होने अपने रूतबे के चलते युवक पर क्रास रिपोर्ट दर्ज करा दी। याने अब आमजनता को सड़क पर चलना भी छोड़ देना चाहिए।
इंदौर में घर से ही चला रही है दफ्तर
नायब तहसीलदार वह भी बागली की याने जहां सैकड़ों ग्रामीण अपना कार्य करवाने के लिए वहां टप्पा या तहसील कार्यालय पर नायाब तहसीदार महोदया के लिए चक्कर काटते होंगे पर नायब तहसीलदार हर्षा वर्मा अपने घर से ही मनमर्जी से काम करती होगी। क्योकि जगजाहिर है इनकी निगरानी तो कोई करता नही है कि नायब तहसीलदार समय पर कार्यालय पहुंचती है या नहीं इसलिए पोस्टिंग बागली में और सरकारी सैलरी लेकर इंदौर में घूम रही है नायाब तहसीलदार हर्षा वर्मा, प्रदेश सरकार को भी ऐसे अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करना चाहिए जो अपने कार्यलयीन समय पर घर में रह कर सरकारी की सैलरी ले रहे है।


Users Today : 7
Total Users : 13437
Views Today : 7
Total views : 23742
Who's Online : 0
Server Time : June 6, 2026 5:31 am