मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय और मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा डेनिश पेटेंट एंड ट्रेडमार्क के सहयोग से डिजिटल दुनिया में वाणिज्यिक और मध्यस्थता कानून में जटिलता और नवाचार का मार्गदर्शन पर इंदौर में आज से मंथन
इंदौर। विकासशील क्षितिज: डिजिटल दुनिया में वाणिज्यिक और मध्यस्थता कानून की जटिलता और नवाचार पर अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर इन्दौर में आयोजित होने वाली दो दिवसीय संगोष्ठी में मध्यप्रदेश के न्यायाधीशों, नामित अधिवक्ताओं एवं विधि विद्यार्थियों के लिए आयोजित है। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य वाणिज्यिक एवं मध्यस्थता (Arbitration) कानून के बदलते डिजिटल परिदृश्य पर सार्थक विचार-विमर्श का एक वैश्विक मंच प्रदान करना है।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन, डेटा आधारित अर्थव्यवस्था एवं अंतरराष्ट्रीय लेन-देन से उत्पन्न हो रही नई कानूनी चुनौतियों की समझ को सुदृढ़ करना है। इसका लक्ष्य तकनीकी नवाचार के अनुरूप विधिक ढाँचे के सामंजस्य, संस्थागत क्षमता के सशक्तिकरण एवं भारत तथा यूरोपीय संघ सहित वैश्विक न्यायिक तंत्रों के मध्य सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
“उद्घाटन सत्र” कल शनिवार 11 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे, “इम्पीरियल हॉल, ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर, इन्दौर में किया जाएगा। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं न्यायमूर्ति जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार, सर्वोच्च न्यायालय, भारत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधीश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, तुषार मेहता, भारत के सॉलिसिटर जनरल मारिया स्कु, डेप्युटी डायरेक्टर जनरल डेनिश पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिसर एरलिंग वेस्टर्गार्ड, विशेषज्ञ सलाहकार, डेनिश पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस मत्तियास कार्लसन डिनेट्ज, सीनियर एडवाइजर इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड प्रोजेक्ट्स, डेनिश पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस, डॉ.क्रिश्चियन बर्गक्विस्ट, एसोसिएट प्रोफेसर, फैकल्टी ऑफ लॉ, यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन श्री पेटर पेत्रोव, जज, रीजनल कोर्ट ऑफ डिमिट्रोवग्राद, बुल्गारियाय एवं डॉ. लुइज बोइसन, आई.पी. काउंसलर, रॉयल डेनिश एम्बेसी उपस्थित रहेंगे।
संगोष्ठी के अंतर्गत दो दिनों में छः तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रौद्योगिकी और वाणिज्यिक कानून के विकसित होते आयाम, इंटरनेट मध्यस्थों की देयता एवं दायित्व, ऑनलाइन वाणिज्य में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, भारत एवं यूरोपीय संघ के दृष्टिकोण से मध्यस्थता कानून की रूपरेखा, ऑनलाइन अवैध गतिविधियों का आपराधिक प्रवर्तन, तथा बौद्धिक संपदा एवं नवाचार जैसे समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। देश-विदेश के प्रतिष्ठित न्यायविद, विधि विशेषज्ञ एवं नीति सलाहकार इन विषयों पर अपने अनुभव एवं दृष्टिकोण साझा करेंगे।
रविवार को होगा समापन
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सत्र रविवार, 12 अक्टूबर को होगा। इस कार्यक्रम का एक प्रेरणादायी और गरिमामय समापन होगा। इस सत्र में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की गरिमामयी उपस्थिति इस महत्वपूर्ण प्रयास की पूर्णता का प्रतीक होगी। सत्र में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण तथा विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहेंगे, जिससे इस कार्यक्रम को एक वैश्विक आयाम प्राप्त होगा।
इससे न्यायिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ेगा
यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी मध्यप्रदेश न्यायपालिका की प्रगतिशील और दूरदर्शी सोच का परिचायक है। एक ऐसा प्रयास जो न्यायिक उत्कृष्टता को संवर्धित करने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने, और डिजिटल युग की जटिलताओं के बीच वाणिज्यिक एवं मध्यस्थता विधि में उन्नत समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। विभिन्न विधिक दृष्टिकोणों को जोड़ते हुए यह संगोष्ठी सीमापार विवादों के सुगम, प्रभावी और समन्वित समाधान की दिशा में एक सार्थक पहल होगी और वैश्विक न्यायिक सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगी।


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