हरियाणा के सोनीपत में शुक्रवार देर रात करीब एक बजकर 47 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस हुए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई. जैसे ही झटके महसूस हुए कुछ लोग नींद से अचानक जाग गए और घरों से बाहर निकल आए.
इसका केंद्र सोनीपत में 28.99 उत्तरी अक्षांश और 76.97 पूर्वी देशांतर पर बताया गया है और इसकी गहराई 10 किलोमीटर बताई जा रही है. जानकारों के मुताबिक ये भूकंप संवेदनशील क्षेत्रों में आता है. यहां छोटे-छोटे भूकंप आना आम बात है. अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.
दिल्ली-NCR में बार-बार भूकंप आने की क्या है वजह?
दिल्ली-NCR में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं. बता दें कि ये इलाका सिस्मिक जोन-4 में आता है, जिसे मीडियम से हाई जोखिम वाला भूकंप क्षेत्र माना जाता है. दिल्ली NCR हिमालयी टकराव क्षेत्र से महज 250 किलोमीटर दूर है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं.
प्लेट्स के टकराव से लगातार ऊर्जा जमा होती है, जो समय-समय पर भूकंप में के रूप में बाहर आती है. दिल्ली के आसपास कई सक्रिय भ्रंश रेखाएं (फॉल्ट लाइन्स) मौजूद हैं, जिनमें दिल्ली-हरिद्वार रिज, सोहना फॉल्ट, महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट, और यमुना रिवर लाइनमेंट शामिल हैं.
भूकंप की तिव्रता कैसे मापी जाती है?
किसी भी भूकंप की तिव्रता रिक्टर स्केल द्वारा मापी जाती है. जिसे इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल के नाम से जाना जाता है. रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है. सोनीपत में आए भूकंप की तिव्रता 3.4 थी. 3 से 5 तिव्रता वाले भूकंप मीडियम रेंज भूकंप होते हैं, जबकि 6 से ऊपर के भूकंप खतरनाक होते हैं और भारी तबाही मचा सकते हैं.


Users Today : 5
Total Users : 15587
Views Today : 5
Total views : 27710
Who's Online : 0
Server Time : July 22, 2026 5:04 am