कर्नाटक में राशन कार्ड से जुड़ा बड़ा कदम उठने जा रहा है. राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने संकेत दिए हैं कि 12 लाख से अधिक बीपीएल कार्ड (गरीबी रेखा से नीचे) रद्द किए जा सकते हैं. कारण साफ है कि यह कार्ड ऐसे लोगों के हाथों में पहुंच गए हैं, जिन्हें इसकी असल में ज़रूरत नहीं है. कई अपात्र लोग वर्षों से बीपीएल कार्ड के माध्यम से सस्ता राशन लेते रहे हैं, जबकि गरीब और जरूरतमंद परिवार वंचित रह गए.
जांच में सामने आया है कि जिनके पास बड़ी ज़मीन, आलीशान मकान और लग्ज़री गाड़ियां हैं, वे भी बीपीएल कार्डधारी बने हुए हैं. कई लोग तो इस राशन का इस्तेमाल तक नहीं करते. ऐसे मामलों को देखते हुए लंबे समय से मांग उठ रही थी कि अपात्रों को हटाकर केवल योग्य लोगों को ही बीपीएल कार्ड दिए जाएं. अब सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाने का मन बना लिया है.


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