सिवनी: मध्यप्रदेश में समोसा, मंगोड़े, चाट, पोहा, मोमोज, डोसा, आलूबंडा, पकौड़े हर किसी को पसंद हैं। सुबह सुबह लोग नाश्ते के तौर पर इन्हें खाते हैं। लेकिन जो भी दुकानदार इन खाद्य सामग्री को बेचते हैं, अब ऐसे दुकानदारों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में समोसा, मंगोड़े, चाट, पोहा, मोमोज, डोसा, आलूबंडा, पकौड़े और चाय जैसी खाद्य सामग्री बेचने वाले सभी दुकानदारों के लिए अब फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करना अपराध माना गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर 2 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना और 6 महीने तक की जेल हो सकती है।
जिले में अब तक 7,500 से अधिक विक्रेताओं को फूड लाइसेंस जारी किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश दुकानदारों ने ऑनलाइन आवेदन करके खुद लाइसेंस बनवाया है, जबकि छोटे विक्रेताओं को समय-समय पर आयोजित कैम्पों के जरिए लाइसेंस उपलब्ध कराए गए। इसके बावजूद जिले में हजारों विक्रेता अब भी बिना लाइसेंस के खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं के लिए जोखिम बढ़ रहा है।
90 नमूने पाए गए अमानक
पिछले तीन साल में जिले से 968 खाद्य सैंपल लिए गए, जिनमें से 90 नमूने अमानक पाए गए और संबंधित विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों का मानना है कि अगर जिले के सभी विक्रेताओं के सैंपल लिए जाएं, तो सैकड़ों अमानक खाद्य पदार्थ पकड़े जा सकते हैं। शहर से लेकर गांवों तक बड़ी संख्या में फेरी वाले, ठेला-टपरा और सड़क किनारे दुकानों पर बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेची जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, शहर की 20 दुकानों में से सिर्फ 11 दुकानों के पास ही फूड लाइसेंस था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब जिले में खाद्य व्यवसाय करने वालों को फूड लाइसेंस लेना ही होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


Users Today : 8
Total Users : 16172
Views Today : 16
Total views : 28832
Who's Online : 1
Server Time : August 6, 2026 7:56 pm