आज नवनियुक राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका की अध्यक्षता में समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार से आगामी जनगणना में मारवाड़ी को एक जाति के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा में 7 लाख शब्दों का कोश विद्यमान है तथा कहा कि आगामी जनगणना में अपनी मात्र भाषा को मारवाड़ी भाषा लिखवाए।
उन्होंने मारवाड़ी समाज को दैनिक रोजमर्रा में मारवाड़ी भाषा में ही बातचीत करने का अनुरोध किया। इस सम्मेलन में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि भारत को बर्ष 2047 तक विकसित भारत के रूप में विकसित करने के लिए सम्पूर्ण मारवाड़ी समाज सरकार को सहयोग देंगे और सशक्त योगदान देंगे। इस सम्मेलन में अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी फेडरेशन की सदस्यता एक लाख तक बढ़ाने का अनुरोध किया। इस सम्मेलन में वर्तमान पीढ़ी को मारवाड़ी संस्कृति से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा ताकि वह अपनी जड़ों से जुड़े रह सकें।
समारोह में यह प्रस्ताव पास किया गया कि मारवाड़ी समाज के सदस्य ऐसे किसी भी विवाह समारोह में सम्मिलित नहीं होंगे जहां मद्यपान की व्यवस्था होगी। समारोह में पाणिग्रहण संस्कारों या अन्य किसी भी धार्मिक आयोजनों में मद्यपान को निषेध करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि मारवाड़ी समाज किसी भी मृत्यु भोज में सम्मिलित नहीं होगा ताकि इस कुरीति को रोका जा सके।
इस सम्मेलन में यह प्रस्ताव पास किया गया कि विवाह के अवसर पर पुरुष वर्ग द्वारा मेंहदी मंडबाने और कोरियोग्राफी का कार्य न करवाने का अनुरोध किया। उन्होंने विवाह पूर्व बर बधू फोटो शूट को न करवाने का अनुरोध किया। इस सम्मेलन में प्रस्ताव पारित करके विवाह समारोह दिन में आयोजित करने का अनुरोध किया क्योंकि रात्रि विवाह समारोहों में विद्युत, साज सज्जा, डॉकोरेशन आदि पर अनावयस्क खर्चा करना पड़ता है जोकि धन की बर्बादी होती है।


Users Today : 38
Total Users : 13468
Views Today : 44
Total views : 23779
Who's Online : 0
Server Time : June 6, 2026 5:33 pm