मुरैना: जिले के कैलारस स्थित शक्कर कारखाने को लेकर फिर से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने शनिवार को कैलारस में बयान दिया कि “कैलारस का शक्कर कारखाना चालू होगा”। उनका यह बयान मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के हालिया कैबिनेट फैसले के खिलाफ माना जा रहा है।
दरअसल, 20 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि कैलारस शक्कर कारखाने को एमएसएमई (MSME) को सौंपा जाएगा। इसके तहत एमएसएमई को कारखाने की करीब 61 करोड़ रुपए की देनदारी सहकारिता विभाग को चुकानी होगी, ताकि वित्तीय स्थिति सुधारी जा सके।
किसानों से जोड़कर दी जिम्मेदारी
कृषि मंत्री कंसाना शनिवार को कैलारस के भूमिया बाबा मंदिर में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। रास्ते में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें यहां भेजा है और निर्देश दिए हैं कि जौरा के पूर्व विधायक सूबेदार सिंह तथा सबलगढ़ विधायक सरला रावत किसानों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाएं। मंत्री ने कहा, “यदि किसान गन्ना उगाने के लिए तैयार होंगे तो कारखाना जरूर चालू होगा। यह मेरी जिम्मेदारी है।”
पहले भी नेताओं ने की घोषणाएं
कैलारस शक्कर कारखाना लंबे समय से राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र रहा है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इसे चालू करने का मंच से ऐलान कर चुके हैं। हालांकि, अब मंत्री के नए बयान से इस मुद्दे पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है।
सवालों के घेरे में कैबिनेट का फैसला
20 अगस्त के फैसले ने कैलारस शक्कर कारखाने को नई दिशा दी थी, लेकिन कृषि मंत्री का ताजा बयान सरकार की ही नीति पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि किसानों के समर्थन और राजनीतिक दबाव के बीच कैलारस शक्कर कारखाने का भविष्य किस दिशा में जाता है।


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