तर्क दिया सरकार बिना किसी काम के 2000 करोड खर्च करती है, यह मुफ्त पैसा सिर्फ वोट बैंक के लिए
ग्वालियर/ भोपाल ( जनहित मीडिया )। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना को बंद करवाने की तैयारी की जा चुकी है। लगभग सवा करोड़ महिलाओं को हर महीने दिए जाने वाले 1500 रुपए की मासिक किस्त पर रोक लगाने के लिए हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने महिला बाल विकास विभाग को नोटिस जारी कर 30 दिन में जवाब मांगा है।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई वर्षों से घरेलू महिलाओं को प्रतिमाह खाते में नगद राशि दी जा रही है। पहले यह राशि एक हजार रुपए थी फिर 1 हजार 250 किया गया उसके बाद अब सरकार 1 हजार 500 प्रत्येक महिला को दे रही है। इस योजना को बंद करने के लिए ग्वालियर की पूर्व पार्षद सुधा दुबे ने अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा के माध्यम से हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में क्या चीज का दायर की है जिसमें कहा गया है कि यह योजना असंवैधानिक है और योजना को तुरंत निरस्त कर महिलाओं को दी जाने वाली राशि पर रोक लगाने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में यह भी बताया है कि बिना किसी काम और बिना किसी जरूरत के मुफ्त का पैसा देने वाली इस योजना पर सरकार का 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च है। प्रत्येक द्वितीय वर्ष में सरकार पर 20000 करोड रुपए का अतिरिक्त भोज पड़ रहा है और यह योजना केवल वोट बैंक होकर असंवैधानिक है। याचिका के बाद ग्वालियर हाईकोर्ट ने महिला बाल विकास विभाग को नोटिस जारी कर 30 दिन में जवाब मांगा है।
बंद हो मुफ्त की रेवड़ी
सरकार द्वारा नगद पैसा अनाज या अन्य किसी भी तरह की मुक्त पैसा या राशन बांटने वाली सभी योजनाएं बंद होना चाहिए। मुफ्त में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सुविधाएं उपलब्ध होना चाहिए। लेकिन इन दिनों महंगी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के अलावा सड़क पर चलने का पैसा वसूला जा रहा है। तो दूसरी तरफ मुफ्त राशन देना और मुफ्त में नगद पैसा देने जैसी योजनाएं चल रही है।


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