स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर कब्जे के बाद अब पक्के निर्माण भी, सरकारी कार्रवाई सिर्फ कागजों पर
धमकियों से डरे अफसर और माफियाओं के हौसले बुलंद, बढ़ता जा रहा है अवैध कब्जा
इंदौर। जिले के हातोद तहसील में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हातोद की शासकीय भूमि पर धीरे-धीरे लगातार कब्जा बढ़ता जा रहा है। कुछ कल पहले महेश चौकसे नाम के व्यक्ति ने मुख्य मार्केट की बैशकीमती शासकीय भूमि पर कब्जा जमाया और पक्का निर्माण कर दिया। इस मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला प्रशासन को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन 4 वर्षों में प्रशासन की तरफ से केवल पत्र व्यवहार हुआ, जिसके चलते अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीन पर पक्का निर्माण हो गया है।

इंदौर शहर और ग्रामीण क्षेत्र में कई सरकारी जमीनों पर प्रशासन भूमाफियाओं के कब्जे हो गए हैं। शासकीय मंदिर की भूमि चौकीदार के भूमि सीलिंग एक्ट की भूमि सहित अन्य शासकीय विभागों की सैकड़ो एकड़ जमीनों पर कब्जे हो गए हैं। जिले के मुखिया कलेक्टर तक मामला पहुंचता नहीं है और छोटे अधिकारियों की मिलीभगत या दबाव से जमीनों पर कब्जे हो गए हैं। ऐसा ही मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हातोद की जमीन का है। यहां अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नोटिस देने प्रशासन को शिकायत करने के बाद भी भूमाफियाओं ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर पाक का निर्माण कर लिए। दरअसल विभागीय अधिकारियों ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की लेकिन हाथों तहसील कार्यालय से कब्जा करने वाले महेश चौकसे को केवल नोटिस दिया गया। प्रशासनिक कार्यालय से नोटिस नोटिस के खेल चलते रहे और भूमाफिया जमीन पर कब्जा करता रहा नौबत यहां तक आ गई कि मुख्य मार्ग की बेशकीमती शासकीय जमीन पर पक्का निर्माण कर दुकान- मकान बना लिया है। जबकि 4 वर्ष पहले 2022 से मामला प्रशासन की जानकारी में है। अस्पताल की जमीन पर महेश ने पक्का निर्माण कर लिया तो रवि ने अब गोमती लगाकर एक नया कब्जा जमा लिया है।
जुर्माना लगाया, तोड़ने का नोटिस भी दिया
अस्पताल की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 556 की 1.214 हेक्टेयर पर कब्ज की शिकायत के बाद हाथों तहसील कार्यालय द्वारा अप्रैल 2022 में अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया गया, फिर मैं 2022 में महेश चौकसे पर 2000 रुपए का अर्थ दंड लगाया और 24 घंटे में जगह खाली करने के निर्देश दिए। जमीन खाली नहीं करने पर अतिक्रमण रिमूवल की कार्रवाई करने के साथ जेल भेजने की कार्रवाई के लिए लिखा गया लेकिन नतीजा से सिफर रहा। कब्जेदार को इसका कोई फर्क नहीं पड़ा और प्रशासन ने न कब्जा नहीं हटाया।
माफिया पर विधायक का हाथ
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले महेश चौकसे के बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विधायक का खास है और क्षेत्र के विधायक के विरुद्ध हंस के चलते हैं इस पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा यह भी बताया जाता है कि एक बार कार्रवाई करने पहुंचे अमले के सामने कुछ महिलाओं ने उपद्रव कर दिया, जिसके बाद से सरकारी अमला वहां नहीं गया और कब्जा बढ़ता गया।
यही से गुजरते हैं तहसीलदार, एसडीएम और सीएमओ
सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की जिस जमीन पर कब्जा हुआ वह इंदौर मुख्य मार्ग से लगी हुई है। यहां पक्का निर्माण हो रहा है और हातोद और देपालपुर के तहसीलदार एसडीएम तथा नगर पंचायत हातोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रतिदिन इस जगह के पास से निकलते हैं, बावजूद इसके किसी ने भी निर्माण नहीं रुकवाया।
सवाल यह है की पूरा प्रकरण अधिकारियों की जानकारी में है और प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं निर्माण और कब्ज होते देख रहे हैं इसके बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
जिम्मेदार कहते है
मामले की पूरी जानकारी नहीं है, मैं अभी वीसी में हूं, इसकी पूरी जानकारी लेकर बता पाऊंगा।
_ संजय जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हातोद।
(हालांकि वे खुद मौके पर गए हैं और उन्हें इसकी पूरी जानकारी है)


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Server Time : June 6, 2026 1:06 pm